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ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे 44 की हालत बदतर, सिंध पुल पर गड्ढे ही गड्ढे – 1000 करोड़ की लागत पर उठे सवाल

डबरा/झांसी। देश के सबसे महंगे नेशनल हाईवे में शामिल ग्वालियर-झांसी NH-44 की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। तस्वीरों में नजर आ रहा यह मार्ग, सिंध नदी पर बने पुल का हिस्सा है, जिसकी सतह पर बने गहरे गड्ढे, उखड़ती सड़क और बिखरी गिट्टियाँ इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने 84 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को आधुनिक तकनीक और स्थायित्व का उदाहरण बताया गया था, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुल की सतह जगह-जगह से उखड़ चुकी है और सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है।

बारिश की कुछ बूंदें ही इस ‘महंगे हाईवे’ की परतें उधेड़ रही हैं। गड्ढों से भरी यह सड़क ना सिर्फ हादसों को न्योता दे रही है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की सड़क निर्माण योजनाओं की गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रही है।

⚠️ हालात बेहद चिंताजनक:

सिंध पुल पर गहरे गड्ढे – बारिश में और खतरनाक

झांसी से ग्वालियर तक पूरा हाईवे क्षतिग्रस्त

बारिश में सड़कों का कटाव तेज – रोजाना हो रहे हैं वाहन दुर्घटनाएं

रिपेयरिंग के नाम पर खानापूर्ति – कोई ठोस समाधान नहीं

🚧 जवाबदेही कहाँ?

इतनी बड़ी लागत के बावजूद हाईवे पर यह हालात बनना कहीं न कहीं निर्माण एजेंसी और निगरानी तंत्र की लापरवाही को दर्शाता है। हाईवे को बनाए हुए अभी कुछ ही वर्ष बीते हैं और सड़कों की यह स्थिति भविष्य की स्थायित्व नीति पर भी सवाल उठाती है।

📢 जनता की मांग:

स्थानीय नागरिकों और हाईवे पर नियमित सफर करने वाले यात्रियों ने एनएचएआई, निर्माण कंपनी और केंद्र सरकार से इस हाईवे की तत्काल मरम्मत और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सिंध पुल जैसे संवेदनशील स्थानों की विशेष देखरेख की मांग भी उठाई गई है।

अगर ऐसे ही हालात रहे तो यह हाईवे विकास का मार्ग नहीं, दुर्घटनाओं का कारण बन जाएगा। आवश्यक है कि विभाग तत्काल संज्ञान लेकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य सुनिश्चित करे।

रिपोर्ट: भरत रावत
तस्वीरें: डबरा/सिंध पुल से

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Author: aajtak24x7