आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ

प्रदेश के निर्धन व असहाय दिव्यांगों को दिव्यांगता निवारण के लिए शल्य चिकित्सा हेतु 06 लाख रुपए की सीमा निर्धारित।
औरैया 03 सितम्बर 2025- प्रदेश सरकार निर्धन व असहाय दिव्यांग व्यक्तियों को सामान्य जीवन जीने के साथ-साथ समाज में समानता का अधिकार दिलाने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से उनकी दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा में होने वाले खर्च को अनुदान के रूप में शल्य चिकित्सा हेतु चयनित/ नामित चिकित्सालय को अधिकतम 06 लाख रुपए तक की धनराशि दी जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के निर्धन एवं असहाय दिव्यांग व्यक्तियों की दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा नियमावली में काॅक्लियर इंप्लांट सर्जरी को सम्मिलित करते हुए निर्धारित अनुदान की अधिकतम धनराशि रुपए 10 हजार से बढ़ाकर 06 लाख रुपए प्रति लाभार्थी कर दी है। काॅक्लियर इंप्लांट सर्जरी हेतु ऐसे श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चे जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय बी पी एल श्रेणी की आय सीमा से दोगुनी है, पात्र होंगे।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी रवीन्द्र कुमार शशि ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगों के लिए सर्जरी फॉर विजुअली हैन्डीकैप्ड, सर्जरी फॉर हियरिंग इंपेयर्ड, सर्जरी फॉर ऑर्थोपडिकली हैंडीकैप्ड, पोस्ट लैप्रोसी क्योर्ड डिसेबिलिटीज के अंतर्गत होने वाली सर्जरी की जाती हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो और उसे किसी भी प्रकार के अपराधिक मामले में दंडित न किया गया हो।
स्व. डॉ. एस. एन. मेहरोत्रा मेमोरियल ई. एन. टी फाउण्डेशन, कानपुर के सचिव प्रो. डॉ. रोहित मेहरोत्रा ने बताया है कि मास्टर वेद गुप्ता पुत्र प्रमोद गुप्ता को काॅक्लियर इंप्लांट सर्जरी के लिए की गई प्रारंभिक जांचों में फिट पाया गया है और इस सर्जरी के लिए लगभग 06 लाख रुपए का खर्च आएगा जो कि शासन द्वारा उनके संस्थान को दिया जाएगा।
लाभार्थी के पिता प्रमोद गुप्ता ने बताया कि वेद के उपचार के दौरान योजना के बारे में जानकारी अस्पताल से प्राप्त हुई और उन्होंने योजना में आवेदन जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय में किया, जिससे उनके बच्चे का इलाज चल रहा है और उसे लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वेद अब 05 वर्ष का है परंतु उसे सुनाई नहीं देता है और बोलने में भी अक्षम है। यह बीमारी उसे जन्म से है। उन्हें आशा है कि चिकित्सा की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत वेद सुनने और बोलने में सक्षम हो जाएगा। इसके लिए हम प्रदेश सरकार का हृदय से धन्यवाद देते हैं।



