*मिश्रीलाल कोहरे *
ओंकारेश्वर
तीर्थनगरी ओंकारेश्वरमें इंदौर खंडवा की ओर सेआने जाने वाली बिना परमिट की धड़ल्ले से दौड़ रही दर्जनों यात्री बसें आरटीओ एवं प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोल रही हैं। इन बसों में न तो फिटनेस जांच हो रही है, न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। बावजूद इसके यह विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा समझ सेहै परे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये बसें रोज़ाना सैकड़ों श्रद्धालुओं को लेकर ओंकारेश्वर मेआ-जा रही हैं। कई बार इन वाहनों की हालत इतनी खराब होती है कि हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद विभाग आँखें मूँदे क्यों बेठाहै?
सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर न तो नियमित जांच की जा रही है और न ही बिना परमिट चलने वाले वाहनों पर अंकुश लगाया जा रहा है।
ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल मेऔर भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। ओंकारेश्वर मेंआजकल बिना परमिट की दर्जनों टैक्सिया भी चल रही है ड्राइवर कहीं भी टैक्सी को खड़ी करके यात्रियों को बिठाते हैं एव मनमाना किराया वसूलते हैं। विभाग को
ज़रूरत है कि इन पर तुरंत संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करे, ताकि ओंकारेश्वर नगरी में आने जाने वाले श्रद्धालु सुरक्षित रह सकें।
तीर्थयात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर टकराई , यात्री हुए घायल।
ओंकारेश्वर कोठी ग्राम में बुधवार की दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया जब तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर दोपहिया वाहनों को रौंदते हुए सीधा एक गेस्टहाउस में जा घुसी। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस चालक ने अचानक संतुलन खो दिया, जिसके बाद बस तेज रफ्तार में सड़क किनारे खड़े कई दोपहिया वाहनों को टक्कर मारते हुए गेस्टहाउस की दीवार से जा भिड़ी। हादसे के समय बस में दर्जनों यात्री सवार थे।
ईश्वर की कृपा से सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया हैं।
स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे की वजह तकनीकी खराबी या चालक की लापरवाही बताई जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
मिश्रीलाल कोहरे की रिपोर्ट



