आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ


मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को शून्य किए जाने के लिए समयबद्ध रूप से गर्भवती माताओ का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ-साथ आवश्यक दवायें तथा दिए जाएं सुझाव।
आरबीएसके टीम की कार्यवाही की शिथिल कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी नियमित रूप से निरीक्षण कराने के दिए निर्देश।
स्वास्थ्य विभाग के माइक्रो प्लान के अनुरूप विभागीय अधिकारी निरीक्षण की जानकारी प्राप्त कर बच्चों का करायें स्वास्थ्य परीक्षण।
एनआरसी में सेम बच्चों के कम भर्ती होने पर संबंधित डॉक्टर व विभागीय अधिकारी को चेतावनी देते हुए आगाह किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं की जाएगी बर्दाश्त।
एनआरसी में बच्चों की देखरेख के निरीक्षण हेतु प्रतिदिन के अनुरूप डॉक्टरों की ड्यूटी की जाए निर्धारित।
ई – कवच पोर्टल सहित अन्य फीडिंग के कार्य में शिथिलता बरते जाने पर संबंधित के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्यवाही।
50 शैय्या चिकित्सालय की सीएमएस की शिथिल कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध शासन को पत्राचार करने के दिए निर्देश।
100 शैय्या चिकित्सालय में मरीजों की जांच रिपोर्ट में बरती जा रही अनियमितताओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अंकुश लगाने के दिए निर्देश।
जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाए जाने के लिए 18 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायतवार आरोग्यम शिविर होंगे आयोजित।
जिला पंचायत राज अधिकारी शिवरों के आयोजन के संबंध में अधिकाधिक कराए प्रचार- प्रसार।
शिविर आयोजन के दौरान सभी संबंधित विभाग अपने-अपने स्टाल लगाकर जन कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए पात्रता के अनुसार कराए लाभान्वित।
शिविरों के सफल आयोजन हेतु नोडल अधिकारी किए जाएं तैनात।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 शिशिर पुरी संपूर्ण शिविर आयोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम की डिजिटल डायरी करायें तैयार।
औरैया 14 नवम्बर 2025/ जनपद में स्वास्थ्य एवं जन सुविधाओं युक्त आरोग्यम फेज 2.0 के सफल क्रियान्वयन संचालन हेतु जिलाधिकारी डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को दायित्व निर्धारित करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत पूर्व में आच्छादित हुए ग्राम को छोड़कर दूरस्थ ग्रामों को सम्मिलित किया जाए जिसका माइक्रो प्लान बनाकर दिनांक वार न्याय पंचायत का निर्धारण करते हुए सूचना उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि आरोग्यम के सफल संचालन हेतु 75 जनपद स्तरीय अधिकारियों को संबंधित न्याय पंचायत का नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा जो सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि आरोग्यम फेज 2 के अंतर्गत दिनांक 18 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मंगलवार व गुरुवार तथा उक्त दो दिन शहरीय क्षेत्र के वार्ड में प्रातः 10:00 बजे से शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 शिशिर पुरी संपूर्ण शिविर आयोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम की डिजिटल डायरी तैयार करने के निर्देश दिए।
उक्त के पूर्व जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की अपेक्षित स्वास्थ्य परीक्षण न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि विगत 06 माह में आरबीएसके टीम द्वारा किए गए भ्रमणों की सूचना उपलब्ध कराई जाए इसके उपरांत किए गए भ्रमणों का सत्यापन करते हुए संबंधितों का दायित्व निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय कुपोषण मिशन के अंतर्गत एनआईसी केंद्र पर कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों की संख्या कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एनआरसी नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को चेतावनी जारी करने एवं आवश्यक प्रगति न होने पर विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई – कवच पोर्टल सहित अन्य फीडिंग के कार्य में शिथिलता बरते जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें।
जिलाधिकारी ने माह अप्रैल से माह अक्टूबर के मध्य नवजात शिशुओं की मृत्यु को गंभीरता से लेते हुए सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिशु की मृत्यु का कारण व उनके रोकथाम हेतु सुझावों को इंगित करते हुए लापरवाही बरतने की सूचना भी ऑडिट रूप में अंकित कर ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराये ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होने वाली योजनाओं के साथ बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, संस्थागत प्रसव तथा बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को गंभीरता से लेते हुए उत्तरोत्तर प्रगति प्रदर्शित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० सुरेन्द्र कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० शिशिर पुरी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार, समस्त खण्ड विकास अधिकारी,डी पी एम व एम ओ आई सी सहित सभी संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


