साहस की नई उड़ान आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त हुईं बेटियाँ,शासकीय कन्या महाविद्यालय रांझी में आत्मरक्षा महाअभियान

साहस की नई उड़ान आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त हुईं बेटियाँ,शासकीय कन्या महाविद्यालय रांझी में आत्मरक्षा महाअभिया

जबलपुर। नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पहल करते हुए शासकीय कन्या महाविद्यालय रांझी में 15 दिवसीय भव्य आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर केवल शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, साहस और आत्मसम्मान की ज्योति प्रज्वलित करने वाला अभियान सिद्ध हुआ।
शिविर में छात्राओं ने उत्साह, अनुशासन और जोश के साथ भाग लेते हुए कराटे और बॉक्सिंग जैसी विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षक प्रकाश यादव एवं सुभाष मांझी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रभावी दांव-पेंच सिखाए, साथ ही जीवन में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करने की मानसिक शक्ति भी विकसित की। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा केवल तकनीक नहीं, बल्कि सजगता, आत्मविश्वास और सही समय पर सही निर्णय लेने की कला है।
विशेष उल्लेखनीय है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा पी.एम. उषा योजना के अंतर्गत 5 दिवसीय विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण ने छात्राओं को उन्नत तकनीकों और सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें और अधिक सशक्त बनाया।
शिविर के दौरान प्रोफेसर विशाल वन्ने तथा सूर्यकांत शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस किस प्रकार त्वरित सहायता प्रदान करती है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से उपाय उपलब्ध हैं। उनके प्रेरक उद्बोधन ने छात्राओं में निर्भीकता और जागरूकता का संचार किया।
प्रशिक्षण में डॉ. दीपेंद्र यादव एवं सुशील शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में प्रभारी प्रचार डॉ. वीना श्रीवास्तव, डॉ. बिंदु शर्मा, श्रीमती रेणु वाला घई, डॉ. माधुरी सिंह का विशेष सहयोग रहा। साथ ही डॉ. विभा पांडे, डॉ. अंकिता पांडे, डॉ. नीलिमा राय, डॉ. सपना श्रीवास्तव, श्रीमती स्वाति मिश्रा एवं डॉ. प्रतिभा पटेल की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही।
इस आत्मरक्षा महाअभियान ने यह संदेश दिया कि आज की बेटियां केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मबल और साहस में भी अग्रणी हैं। जब बेटियां आत्मरक्षा के गुर सीखती हैं, तो समाज में सुरक्षा और सम्मान की भावना स्वतः सुदृढ़ होती है। यह आयोजन नारी शक्ति के उत्थान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जिसने छात्राओं के मनोबल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया और उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार किया।

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Author: aajtak24x7

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