हमारे ग्राम मंगरई की दो मांगों को लेकर ज्ञापन
अक्सर कच्ची नहरों में पानी बीच में ही खत्म हो जाता है। पक्की नहर होने से दूर-दराज के खेतों तक भी आसानी से पानी पहुँचता है।
पक्की नहरें होने से डीजल पंप या बिजली के ट्यूबवेल पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे खेती की लागत कम होती है।
पक्की नहर के निर्माण से न केवल फसलों को फायदा होता है, बल्कि यह किसानों के लिए स्थायी और टिकाऊ कृषि का जरिया बनती है।
भीषण गर्मी में जब नलकूप, हैंडपंप या पाइपलाइन सूख जाती हैं, तब ये टैंकर लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने का एकमात्र जरिया बन जाते हैं।
हाँ, गांव की जरूरत और भौगोलिक स्थिति के हिसाब से पानी का टैंकर या पानी का सामुदायिक भंडारण टैंक होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी,सूखा और नल-जल योजनाओं के बाधित होने पर टैंकर ही पानी का मुख्य जरिया बनते हैं।
गत दिवस नोहटा निवास पर पहुंच कर प्रिय विधायक सांस्कृतिक पर्यटन राज्य मंत्री माननीय श्री धर्मेंद्र भैया जी के नाम से उनके निजी सचिव माननीय श्री मानवेंद्र जी को हमारे ग्राम मंगरई की दो मांगों को लेकर ज्ञापन दिया, पहली मांग पानी टैंकर की आवश्यकता दूसरी, हमारे मगरई जलाशय की कच्ची पड़ी हुई 12 वर्ष से नहर सीमेंटेड पक्की करवाने के लिए ,
माननीय सचिव जी ने मंत्री जी के अथक प्रयास से आश्वासन दिया है माननीय जी को अवगत कराकर इनको जल्दी ही पूर्ण किया जाएगा,,
सम्बाददाता जबेरा
बहादुर सिंह लोधी



