रिपोर्टर- गोविंद गिरी गोस्वामी
*ढीमरखेड़ा: कटरिया खरीदी केंद्र में किसानों के साथ ‘अन्याय’, सैंपल के नाम पर अनाज की लूट और अधिक तुलाई का खेल*
*ढीमरखेड़ा* (कटनी)। तहसील अंतर्गत आने वाले गेहूं खरीदी केंद्र कटरिया में इन दिनों किसानों का शोषण चरम पर है। केंद्र में अव्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार के चलते अन्नदाता खुद को ठगा महसूस कर रहा है। आरोप है कि यहाँ न केवल शासन के नियमों को ताक पर रखकर अधिक वजन की तुलाई की जा रही है, बल्कि सैंपल के नाम पर किसानों के अनाज पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है।
इस केंद्र पर अनाज की गुणवत्ता जाँचने के नाम पर भारी मात्रा में ‘सैंपल’ निकाला जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि यह सैंपल लेने के बाद वापस किसानों के बोरों में नहीं डाला जाता, बल्कि कर्मचारियों द्वारा इसका अलग ही ढेर लगा लिया जाता है। किसानों ने इसे “आँखों के सामने डकैती” करार देते हुए कहा कि उनकी मेहनत की कमाई को इस तरह छीनना प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, एक बोरी में अनाज की तुलाई 50 किलो 200 ग्राम या अधिकतम 700 ग्राम (बोरी के वजन सहित) होनी चाहिए। लेकिन कटरिया केंद्र पर नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए किसानों से प्रति बोरी 51 किलो 200 ग्राम गेहूं लिया जा रहा है। प्रति बोरी 1 किलो अतिरिक्त अनाज लेना हजारों किसानों के साथ लाखों रुपये का भ्रष्टाचार उजागर करता है।
परेशानियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। बीते शुक्रवार (8 मई) को चिलचिलाती धूप में किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन केंद्र प्रभारी द्वारा तुलाई का काम बंद रखा गया। कई घंटों के इंतज़ार के बाद भी जब तुलाई शुरू नहीं हुई, तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया। किसानों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है ताकि वे कम दाम या भ्रष्टाचार के दबाव में झुक जाएं।
”हम अपनी उपज लेकर दिन-रात लाइन में खड़े हैं, लेकिन यहाँ केंद्र प्रभारी की मनमानी चल रही है। सैंपल के नाम पर हमारा अनाज लूटा जा रहा है और तुलाई भी मानक से ज्यादा ली जा रही है। कोई सुनने वाला नहीं है।” *एक पीड़ित किसान*