लोकेशन बालाघाट
इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस धूमधाम से मनाया गय
इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस डॉ.रामविजय शर्मा रिटायर्ड तहसीलदार एवं इतिहासकार के मुख्य आतिथ्य, डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय की अध्यक्षता एवं अन्य अतिथियों के विशेष आतिथ्य में आयोजित हुआ। उक्त अवसर पर डॉ.रामविजय शर्मा, गोविंददास नेमा, सुनील नेमा को सम्मानित किया गया। डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर कहा विश्व का प्रथम इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट है, जहाँ नैरोगेज डीजल इंजन, बोगी तथा गार्ड के डिब्बे को रखा गया है। संग्रहालय में पाषाण दुर्लभ अवशेष को संरक्षित कर रखा गया है। डॉ.रामविजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय छोटा जरुर है, लेकिन समस्त प्रकार के अवशेष संग्रहित है, जो अनुसंधान केंद्र भी है, यहाँ विधार्थियों ने अपना अमूल्य समय देकर, सारी धरोहरों को ग्रहण किया है। डाॅ.कुलदीप बिल्थरे, राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे, राजेन्द्र कुमार शिवहरे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा आज का समय मोबाईल तंत्र है, उसके उपरान्त धरोहरों के संबंध में ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर 1 मई से 15 मई तक पुरातत्व धरोहर कार्य शाला आयोजित थी, उन विधार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। इसी तरह से 18 अप्रैल 2026 विश्व पुरातत्व धरोहर दिवस से 18 मई 2026 अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस तक जन जागरण अभियान चलाकर, पुरातत्व अवशेषों के बारे में अवगत कराया गया। उक्त अवसर पर उमेश सैय्याम, अंजली चौधरी, अंशुल जैतवार, बलिनन्दर चौहान अपना विशेष योगदान दिया। समारोह दौरान नेमा समाज के मेधावी छात्राऐं सौम्या नेमा 10 वीं, वैष्णवी नेमा 10 वीं, अंशिका नेमा 8 वीं को प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जहाँ इनके अभिभावक भी उपस्थित थे।
अशोक मोटवानी