जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी समाचार
श्रीमंत ने कहा था-सरकारी भवन लग ही नहीं रहा, 15 दिन में ही दरारों ने बता दिया-मैं सरकारी ही हूं।
बामौरकलां उप तहसील भवन की दीवारों में लोकार्पण के पखवाड़े भर में ही आई दरारें
डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है नया उप तहसील भवन।
खनियाधाना तहसील अंतर्गत बामौरकलां उप तहसील के डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार
भवन का 31 अगस्त को क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिलान्यास किया था।
लोकार्पण पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भवन की तारीफ में कहा था-
मैं प्रशासन को बधाई देना चाहता हूं, इतना सुंदर भवन बनाया है, आधुनिक है, बाहर से सरकारी भवन की रूपरेखा नहीं दिखती। मंत्री जी की बात 15 दिन में ही सच साबित हो गई, लेकिन उल्टे तरीके से। बिना एक भी फाइल रखे, बिना एक भी कुर्सी लगे भवन ने जगह-जगह से क्रैक होकर बता दिया कि अंदर से तो वो पूरा सरकारी ही है। उप तहसील भवन की दीवारों में जगह-जगह से कई दरारें आ गई हैं। डेढ़ करोड़ का ये आधुनिक भवन फिलहाल यही संदेश दे रहा है कि, बाहर से भले ही भवन सरकारी न लगे, परंतु 15 दिन में ही उसने अपनी गुणवत्ता का असली सर्टिफिकेट दिखा दिया है।
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लोकार्पण हो गया, लेकिन पजेशन अभी बाकी है
वहीं इस पूरे मामले में विभाग ने अपना दामन पहले ही बचा लिया है। तहसीलदार निशिकांत भार्गव से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि, जिस दिन शिलान्यास हुआ था उसी दिन मेरे द्वारा पीआईयू के एसडीओ और ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया था कि जो भी मरम्मत होना है, नार्म्स के अनुकूल कंप्लीट करें, उसके बाद ही हम पजेशन लेंगे। अभी मेरे द्वारा पजेशन नहीं लिया गया है।। मतलब उद्घाटन हो गया, बधाई हो गई, फोटो खिंच गई, लेकिन पजेशन अभी भी बाकी है। और जब तक पजेशन नहीं होगा, तब तक दरारों की जिम्मेदारी भी किसी की नहीं होगी।
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पंद्रह दिन में भवन में क्रेक आ गए, कैसा विकास
इस मामले में पिछोर के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद लोधी ने तंज कसते हुए कहा कि, मेरा तो यही कहना है कि उद्घाटन हुए 15 दिन ही बीते हैं, बिल्डिंग बिना उपयोग के ही जगह-जगह से क्रैक हो रही है। अगर 15 दिन में भवन का यह हाल है तो भाजपा किस विकास की बात करती है। दो साल बाद इस बिल्डिंग की क्या हालत होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अगर कल कोई हादसा हो जाए, आदमी दब जाएंगे, मर जाएंगे तो किसकी जिम्मेदारी होगी। मानीटरिंग करने वालों ने बिना क्वालिटी देखे एमबी पर साइन कैसे कर दिए, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।



