जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी समाचार
आदिवासी महिलाओं ने एडीएम के सामने पटकी बोरी में भरी जहरीली कच्ची शराब।
बोलीं,
गांव में बेचने आए सप्लायर से छिनी है यह शराब, आप सिस्टम का पर्दाफाश करो।
जिले भर में शराब के खिलाफ खड़ी हुई नारी शक्ति अब आए दिन कहीं न कहीं अवैध कच्ची जहरीली शराब का विरोध करने पर उतर आई हैं।
बुधवार को सुरवाया क्षेत्र की आदिवासी महिलाएं कट्टे में भरी जहरीली कच्ची शराब लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला के सामने शराब का कट्टा बिखेर दिया।
सहरिया क्रांति की इन आदिवासी महिलाओं का कहना था कि, साहब, देख लो,
यही जहर हमारे बच्चों की नसों में उतारा जा रहा है। महिलाओं का आरोप सीधा है कि,
सुरवाया अंचल में कच्ची शराब का खुला नेटवर्क चल रहा है।
रात के अंधेरे में बोरों में भरकर पाउच गांवों में सप्लाई हो रहे हैं।
बच्चे तक इसकी चपेट में हैं। मजदूर की पूरी दिहाड़ी शाम को शराब में फूंक जा रही है। राशन, पढ़ाई, घर की शांति सब इसी नशे में डूब रही है।
उन्होंने कलेक्टर से सीधे पूछा-गांव में बेचने वाले को तो हमने पकड़ लिया,
लेकिन इसे बनाने वाला, भिजवाने वाला कौन है?
क्या किसी लाइसेंसी दुकान, ठेकेदार या उसके सेल्समैन का हाथ है?
महिलाओं ने मांग रखी कि जब्त शराब की लैब जांच हो।
अगर ये जहरीली और मिलावटी निकली तो इसका सोर्स और पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाए
और दोषी ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त किया जाए।
मामले की गंभीरता देख अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला को मौके पर ही आबकारी अमले को बुलाकर सैंपल लेने के निर्देश देने पड़े।



