Skip to main content

Aaj Tak24x7

मारकुंडी घाटी कांड में बड़ा आदेश, दम्पति समेत 4 पर FIR दर्ज करेगी पुलिस*

*मारकुंडी घाटी कांड में बड़ा आदेश, दम्पति समेत 4 पर FIR दर्ज करेगी पुलिस*

*आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट*

 

*सोनभद्र।* करीब तीन माह पूर्व मारकुंडी घाटी में हुई पति-पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है।

 

*सीजेएम कोर्ट ने चोपन थानाध्यक्ष को एक सप्ताह में कार्रवाई का दिया निर्देश*

 

सीजेएम न्यायाधीश पंकज की अदालत ने चोपन थानाध्यक्ष को दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने और एक सप्ताह के भीतर कृत कार्यवाही से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के तिरनाही गांव निवासी बुल्लू यादव पुत्र नन्दू यादव द्वारा फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोशन लाल यादव के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस प्रार्थना पत्र पर दिया गया है।

 

*क्या है पूरा मामला?*

प्रार्थना पत्र में बुल्लू यादव ने बताया कि उसके इकलौते पुत्र राहुल यादव की शादी 6 मई 2026 को इंद्रावती उर्फ इंदु उर्फ चंदा पुत्री बबुन्दर यादव निवासी बरवा टोला सलखन, थाना चोपन के साथ हुई थी।

 

इंदु शादी से पहले करीब 5 वर्ष तक डॉक्टर राम भरोसे उर्फ राजबीर के निजी अस्पताल में नर्स का काम करती थी। बाद में रॉबर्ट्सगंज के दूसरे अस्पताल में काम करने लगी। शादी के बाद वह महज 10 दिन ही ससुराल में रही। विदाई न होने के कारण वह सलखन से ही रोज रॉबर्ट्सगंज अस्पताल आती थी, जिसे दहेज में मिली बाइक से राहुल छोड़ने जाता था।

 

पीड़ित का आरोप है कि घटना के कुछ दिन पहले राहुल को धमकी मिली थी कि इंदु पर ज्यादा निगरानी रखने पर ठीक नहीं होगा। यह बात राहुल ने अपनी मां को बताई थी।

 

8 जुलाई 2026 को राहुल चंदा से मिलने की बात कहकर घर से गया, लेकिन शाम तक नहीं लौटा। 12 जुलाई 2026 को पता चला कि चंदा व राहुल की लाश मारकुंडी घाटी में मिली है। मौके पर बाइक में खरोंच तक नहीं आई थी, जबकि दोनों की लाश जली हुई मिली।

 

आरोप है कि शादी से पहले विकास सिंह पटेल निवासी सलखन ने चंदा के साथ अपनी नग्न तस्वीर वायरल की थी और धमकी दी थी कि राहुल से शादी की तो अंजाम बुरा होगा। इसी तरह डॉक्टर राम भरोसे उर्फ राजबीर और बबलू यादव व उसकी पत्नी सविता यादव ने भी धमकी दी थी कि तुम्हारा वंश नहीं चलने देंगे।

 

परिजनों ने इसकी सूचना चोपन थाने और एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।

 

अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोशन लाल यादव के तर्कों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया और एफआईआर का आदेश दिया।

aajtak24x7
Author: aajtak24x7