*उद्भव उत्सव के कार्निवल में दिखी देश-विदेश की संस्कृतियों की रंगारंग छटा*
*आतिशबाजी से हुआ संस्कृति के महाकुंभ का शुभारंभ।* अचलेश्वर चौराहे पर विदेशी कलाकारों समेत विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, मंगोलिया के राजदूत ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
ग्वालियर। शहर में शनिवार को 21वें उद्भव उत्सव इंटरनेशनल कल्चरल ओलंपियाड का रंगारंग आगाज हुआ। चार दिवसीय आयोजन के पहले दिन निकाले गए कार्निवल में देश-विदेश की विविध संस्कृतियों, लोककलाओं और पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक झलक देखने को मिली। किर्गिस्तान और स्लोवाकिया सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 850 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से शहरवासियों का दिल जीत लिया। कार्निवल के दौरान अचलेश्वर चौराहा सांस्कृतिक विविधता और लोकनृत्यों का प्रमुख केंद्र बना रहा, जहां कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्निवल का शुभारंभ भागवत सहाय सभागार से हुआ। सशस्त्र बल का बैंड देशभक्ति की धुनें बजाते हुए सबसे आगे चल रहा था। इसके पीछे विभिन्न देशों और राज्यों से आए प्रतिभागी कतारबद्ध होकर अपनी पारंपरिक वेशभूषा में आगे बढ़ रहे थे। कार्निवल जीवाजी क्लब पहुंचकर संपन्न हुआ। रास्ते में अचलेश्वर चौराहे पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों की झलक दिखाई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी जुटे।
अचलेश्वर चौराहे पर सजी अंतरराष्ट्रीय संस्कृति की महफिल
कार्निवल के दौरान अचलेश्वर चौराहे पर स्लोवाकिया के कलाकारों ने आकर्षक युगल नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कर्नाटक के दल ने यशगान पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी। डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल, गुरुग्राम के विद्यार्थियों ने वर्षा नृत्य के माध्यम से दर्शकों को आकर्षित किया, जबकि परमिता हेरिटेज स्कूल के कलाकारों ने वाद्य संगीत की प्रस्तुति दी।
भारतीयम विद्या निकेतन के दल ने स्वाला डांस प्रस्तुत किया। वहीं, किर्गिस्तान के कलाकारों ने पारंपरिक एन जॉम्बेल नृत्य से अपनी संस्कृति की झलक दिखाई। केडीबी स्कूल, गाजियाबाद के विद्यार्थियों ने कृष्ण, मीरा और गोपियों के स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुति दी। अमरकंटक से आए कलाकारों ने सकलपुरी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा आईटीएम कॉलेज, डीपीएस स्कूल ग्वालियर सहित अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों ने भी अपनी कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मंगोलिया के राजदूत ने तालियां बजाकर बढ़ाया उत्साह
अचलेश्वर चौराहे पर चल रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए भारत में मंगोलिया के राजदूत उलजीत लवसेनजात भी पहुंचे। उन्होंने आमजन के बीच रहकर कार्यक्रम देखा और विभिन्न देशों व राज्यों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उनकी मौजूदगी ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के साथ प्रतिभागियों का उत्साह भी बढ़ाया।
जीवाजी क्लब में हुआ मुख्य समारोह।
शाम को जीवाजी क्लब में उत्सव का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत में मंगोलिया के राजदूत उलजीत लवसेनजात रहे। जबकि अध्यक्षता विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. बीआर श्रीवास्तव, हिमालयन कल्चर इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष एलपी पोटसंग रहे। साथ ही जीवाजी क्लब के अध्यक्ष राजेंद्र सेठ, डॉ. वाणी अग्रवाल, डॉ. अमनदीप कौर मंचासीन रहे, अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया व आत्मज्योति आवासीय विद्यालय की दृष्टिहीन बालिका की मनमोहक गरबा प्रस्तुति से हुआ.
इस अवसर पर विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने कहा कि ग्वालियर की कला, संस्कृति और विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में उद्भव का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे आयोजन विभिन्न देशों और क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं।
उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पांडे ने बताया कि संस्था के माध्यम से अब तक 55 देशों की यात्राएं की जा चुकी हैं और 2,500 से अधिक बच्चे विदेश यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उद्भव उत्सव युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के साथ उन्हें विभिन्न देशों की कला और संस्कृति से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सचिव दीपक तोमर ने संस्था की गति विधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही चार दिवसीय कार्यक्रम के बारे मे भी बताया.
समारोह के मुख्य अतिथि मंगोलिया के राजदूत उलजीत लवसेनजात ने भारत मंगोलिया के डिप्लोमेटिक संबंध पर चर्चा की साथ ही संस्कृति आदान प्रदान से दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की बात कही.



