लोकेशन/ सोनभद्र उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट/ कन्हैयालाल केशरी
बभनी के परिषदीय विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन की पाठशाला, प्रश्नोत्तरी के जरिए बच्चों को किया जागरू
बभनी, सोनभद्र। विकास खंड बभनी के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को प्रार्थना सभा के दौरान ई-कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरे की पहचान, सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों की समझ को परखने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर, बैटरी तथा खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ई-कचरे की श्रेणी में आते हैं। ऐसे कचरे को सामान्य कूड़े में मिलाने या खुले में फेंकने से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विद्यार्थियों को ई-कचरा खुले में नहीं जलाने तथा उसे सुरक्षित तरीके से एकत्र कर अधिकृत पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षकों ने बताया कि उपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत कर दोबारा इस्तेमाल करना और अनुपयोगी उपकरणों को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ता या रीफर्बिशर को सौंपना बेहतर विकल्प है। इससे संसाधनों की बचत के साथ पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलती है।
कूड़े को अलग-अलग रखने की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन के लिए अलग-अलग रंगों के डिब्बों के उपयोग के बारे में भी बताया गया। हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा तथा निर्धारित काले या लाल डिब्बों में घरेलू खतरनाक कचरा रखने की जानकारी दी गई। वहीं, ई-कचरे को अलग से एकत्र कर उसके सुरक्षित निस्तारण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ई-कचरे �



