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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई संत शिरोमणि रविदास की जयंती

आज तक 24×7 न्यूज, सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट

दुद्धी सोनभद्र ।ब्लाक क्षेत्र के डूमरडीहा गांव में बुधवार को संत शिरोमणि रविदास की जयंती बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाई गई।इस दौरान उनके कार्यों जीवनी पर प्रकाश डाला गया ।मुख्य अतिथि पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा एवं विशिष्ट अदिति संजय सिंह गौड़ धुर्वे ने संत रविदास गौतम बुद्ध बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महान विभूतियां के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि संत रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा तिथि संवत 1388 को हुआ था। इनके पिता का नाम राहू और माता का नाम करमा था। इनकी पत्नी का नाम लोना बताया जाता हैं। इन्हें संत रविदास, गुरु रविदास, रैदास, रूहिदास और रोहिदास जैसे कई अन्य नामों से जाना जाता हैं। रविदास जयंती और माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। संत रविवास बेहद धार्मिक स्वभाव के थे। वे भक्तिकालीन संत और महान समाज सुधारक थे। संत रविदास ने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्त्तव्यों का निर्वहन किया। विश्व शक्ति संजय सिंह धुर्वे ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी किसी भी लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दिया और इसी तरह से भक्ति के मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाए। उनके उपदेशों और शिक्षाओं से आज भी समाज को मार्गदर्शन मिलता है। कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं ने भी संत शिरोमणि रविदास जयंती की लोगों को बधाई देते हुए उनके मार्गदर्शन पर चलने की अपील किया साथ ही समाज के पिछड़ी अति पिछड़े आदिवासी जाति जनजाति के लोगों को शिक्षा ग्रहण कर शिक्षित होने की बात कही।कहां की शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं ।

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Author: aajtak24x7