Skip to main content

Aaj Tak24x7

जयपुर: जालोर के कई नेता राजस्थान में नियम विरुद्ध चला रहे हैं गुजरात पासिंग गाड़ियां, डर के मारे कार्रवाई से कतरा रहा है परिवहन विभाग

ब्यूरो चीफ मनोज कुमार सोनी
21 मार्च गुरूवार 2025

जयपुर: जालोर. कानून बनाने वाले ही नियमों की धज्जियां उड़ाए तो कायदों की सीमा का ही क्या कहना। इन दिनों कुछ ऐसा ही हो रहा है परिवहन विभाग के साथ। दरअसल, पिछले कुछ समय से राजस्थान में जयपुर, उदयपुर समेत कुछ शहरों में परिवहन विभाग के अधिकारी चेते है और बाहरी राज्यों के पासिंग वाहनों के चालान बना रहे हैं, उन वाहनों के चालान बनाये जा रहे है, जो 30 दिनों से अधिक समय से राजस्थान में घूम रहे है, लेकिन जालोर-भीनमाल क्षेत्र में तो बाहरी राज्यों के पासिंग वाहन तो नियमित रूप से ही यहां घूम रहे है, उन पर कार्रवाई करने से परिवहन विभाग भी कतरा रहा है। जालोर-भीनमाल क्षेत्र में अधिकांश वाहन बाहरी राज्यों के पंजीकृत है, जिनके कारण सीधे तौर पर राज्य राजस्थान सरकार को बड़ा राजस्व नुकसान हो रहा है, लेकिन कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है।

अधिकांश नेताओं के वाहन भी अन्यत्र पंजीकृत:

जालोर जिले में दो परिवहन कार्यालय है जालोर व भीनमाल, इन दोनों क्षेत्रों में अधिकांश चार पहिया वाहन गुजरात व महाराष्ट्र पासिंग के दौड़ रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिले के अधिकांश बड़े नेताओं (पूर्व सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक आदि) के पास भी गुजरात पंजीकृत निजी वाहन है। उन नेताओं की प्रेरणा से ही आम व्यक्ति भी कार खरीदने के लिए गुजरात पहुंच जाते हैं। इसका असर यह रहता है कि बड़े स्तर पर राज्य सरकार को बड़ा राजस्व नुकसान हो रहा है।

दस लाख की गाड़ी पर राजस्थान को दो लाख का नुकसान:

आपको बता दें कि वाहनों पर करीब 28 प्रतिशत जीएसटी लगती है, जिसमें से 14 प्रतिशत राज्य सरकार को मिलती है। साथ ही इंश्योरेंश व राज्य रोड टैक्स समेत करीब दस लाख की कार खरीदने पर दो लाख रुपये का नुकसान सीधे तौर पर राजस्थान को हो रहा है। अब रोड टैक्स के मामले में गुजरात राजस्थान से आगे है। गुजरात मे रोड टेक्स राजस्थान से कम लगता है। इस कारण जालोर-भीनमाल के अधिकांश लोग टैक्स बचाने के चक्कर में राज्य सरकार को चपत लगा रहे है, लेकिन परिवहन विभाग कार्रवाई नहीं करता जिस कारण यह ढर्रा बना हुआ है।

पिछले दिनों उदयपुर व जयपुर में हुई थी कार्रवाई:

नियमों के मुताबिक दूसरे राज्यों से पंजीकृत वाहन यहाँ अधिकतम 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रखा जा सकता। अधिक समय तक रखने पर बड़ा जुर्माना जमा करवाना पड़ता है। पिछले दिनों उदयपुर व जयपुर में ऐसे ही वाहनों के विरुद्ध चालान बनाये गए थे, तब यह मामला चर्चा में आया था। इस मामले को लेकर हाल ही में मुख्य सचिव के साथ हुई वीसी में परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी कार्रवाई के निर्देश दिए है। अब जालोर जैसे जिले में परिवहन विभाग किस प्रकार से कार्रवाई करता है।

इनका कहना है…:

हमारे क्षेत्र में भी जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में अन्य राज्यो के पंजीकृत वाहन दौड़ रहे है। नियमानुसार उनके विरुद्ध भी कार्रवाई कर जुर्माना वसूला किया जाएगा।

-ओमसिंह शेखावत, जिला परिवहन अधिकारी, भीनमाल

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज

मौसम का हाल

मौसम डेटा स्रोत: https://weatherlabs.in