



सिरोंज। मुम्बई के विले पार्ले में 1008 पार्शवनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के विध्वंस के दोषी अधिकारियो पर कार्यवाही को लेकर सांसद सदस्य नवीन जैन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मोबाईल पर चर्चा की। तो वही उन्होने एक पत्र लिखते हुए कहा कि विले पार्ले पूर्व मुंबई में 1008 पार्शवनाथ दिगंबर जैन मंदिर के विध्वंस के दोषी अधिकारियों के निलंबन एवं मंदिर पुनर्निर्माण के लिए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही। सासंद नवीन जैन ने कहा कि आपके कुशल नेतृत्व में महाराष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। जैन धर्म और इसकी सांस्कृतिक विरासत के प्रति आपका सम्मान हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। इस विषय पर मेरी आपसे फोन पर हुई बातचीत के संदर्भ में, मैं यह पत्र लिख रहा हूँ।
प्रत्येक जैन ह्रदय में दुख,कोध और निराशा व्याप्त – सासंद नवीन जैन ने कहा कि मेरे हृदय को गहरी ठेस पहुँची है, जब मुझे सूचना मिली कि विले पार्ले (पूर्व), मुंबई में स्थित ’1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर’, जो 30 वर्षों से अधिक समय से जैन श्रद्धालुओं का पवित्र तीर्थ रहा है, उक्त मंदिर को मुंबई महानगर पालिका बीएमसी ने 16 अप्रैल, 2025 को ध्वस्त कर दिया। यह घटना केवल एक मंदिर का विध्वंस नहीं, बल्कि लाखों जैन श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर गहरा आघात है। मेरे संज्ञान में आया है कि यह विध्वंस एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य एक होटल समूह को अनुचित लाभ पहुँचाना था। जब जैन समाज ने इस अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध किया, तो पुलिस ने उनकी आवाज को दबाया और हमारी श्राविकाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। हमारे पवित्र धार्मिक ग्रंथों को सड़कों पर फेंक दिया गया और तीर्थंकरों की मूर्तियों का अपमान किया गया। जो अहिंसा, त्याग और करुणा का प्रतीक हैं। इस घटना के वीडियो और चित्र देशभर में वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रत्येक जैन हृदय में दुख,क्रोध और निराशा व्याप्त है। उन्होने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से कहा कि आप हमारी आशा और विश्वास के केंद्र हैं। मेरी आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि इस अमानवीय कृत्य को गंभीरता से संज्ञान में लें और निम्नलिखित कार्यवाहियों का निर्देश देकर जैन समाज के आहत हृदय को न्याय और सांत्वना प्रदान करें। साथ ही दोषी अधिकारियों का तत्काल निलंबन और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु त्वरित और प्रभावी कदम जाए। उन्होने कहा कि आपके एक निर्णय से न केवल जैन समाज का विश्वास पुनस्थापित होगा। बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि महाराष्ट्र में हर आस्था का सम्मान और उसकी रक्षा सर्वोपरि है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस पीड़ा को समझेंगे और तत्काल कार्रवाई करेंगे।
आईजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मामले को लेकर की चिंता जाहिर – मुंबई के विले पार्ले में जैन मंदिर को तोडे जाने की जानकारी लगते ही आईजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने मामलो को लेकर चिंता जाहिर की। वही उक्त मामले में दोषी अधिकारियो पर कार्यवाही को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से चर्चा की एंव मामले को बडा ही ंदुर्भाग्य पूर्ण बताया। वही उन्होने कहा कि आईजा इस मामले को लेकर बहुत ही गंभीर है ऐसे मामलो में पुनवृत्ति न हो इसके लिए आईजा जैन तीर्थ क्षेत्रो की रक्षा को लेकर जल्द ही रणनीति बनाएगी। आईजा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव जैन सैनानी ने कहा कि जब इस मंदिर को तोडे जाने की कार्यवाही की जा रही थी। तो मंदिर ट्रस्टीयो को भी पूर्व ही इस कार्यवाही को लेकर ध्यान रखना चाहिए था। मेरा ऐसा सोचना है कि यदि मंदिर के ट्रस्टी इस मामले को लेकर पूर्व से ही गंभीरता दिखाते तो आज पूरे देश के जैन समाज को यह दिन नही देखना पडता। मुंबई महा नगर पालिका द्वारा तोडे गए जैन मंदिर का समाचार पूरे देश में प्रसारित हुआ है। 30 वर्षो से अधिक समय से इस मंदिर में जैन श्रद्धालु अपनी पूजा,अर्चना,व्यक्ति करते थें। इस मंदिर को जिस तरीके से तोडा गया है यह अत्यंत निदंनीय एंव जैन समाज में रोष पैदा करने वाला बना है। आज देशभर के जैन समाज में इस कार्यवाही से तीव्र आक्रोश फैला हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस कार्यवाही के पीछे किसी का व्यक्तिगत स्वार्थ निहित होने कारण उन्होने मुंबई महा नगरपालिका की व्यवस्था को प्रभावित करके यह कार्यवाही करवाई है। जो कि अत्यंत निंदनीय है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से ले और आवश्यक कार्यवाही करे।
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