इंदौर से राकेश परमार
मेन हेडिंग :-
मामला इंदौर शहर क़े तहसील हातोद क़े ग्राम फुलकराड़िया है! यहां पर रहने वाले मनोहर केवल और उनके माता पिता को 50 साल पहले सरकार द्वारा पट्टे का प्लाट दिया गया था! जिस पर केवट परिवार ने अपनी सुविधा अनुसार उस प्लाट पर कच्चा मकान बना लिया! लेकिन मकान क़े पीछे ही मनोहर केवट क़े बड़े पापा भेरूलाल और उनके दोनों बेटे की नियत उस पट्टे क़े प्लाट पर ख़राब थी! जब 2020 मे यह मामला हातोद तहसील मे गया तो तहसीलदार क़े द्वारा फैसला मनोहर केवट क़े पक्छ मे किया गया! लेकिन कुछ दिनों पहले मनोहर केवट और उनका पूरा परिवार रिश्तेदार क़े वहा शादी मे गए उसी बिच 2 मई 2025 को मनोहर केवट और उनके परिवार को बिना सुचना और बिना उपस्थिति क़े ही ग्राम फुलकराड़िया क़े सरपंच कैलाश चौहान और पंचायत क़े जिम्मेदार अधिकारियो की मिली भगत से मकान तोड़ दिया गया! और मकान मे रखा कीमती सामान जो की गायब है! साथ ही कुछ सामान सडक क़े किनारे फेक दिया गया! सूत्रों क़े अनुसार इस अवैध कार्यवाही मे ग्राम फुलकराड़िया क़े सरपंज कैलाश चौहान और सचिव राजेश प्रजापत का हाथ है! मकान टूटने क़े तुरंत बाद ही मकान क़े पीछे रहने वाले मनोहर क़े बड़े पापा ने उनकी कार उस प्लाट पर रख ली,,, जिससे यह स्पष्ट होता है क़े यह कार्यवाही प्लाट पर कब्जा करने की नियत से हुई है!
पीड़ित परिवार इंदौर क़े जिम्मेदारों क़े कार्यालय जा जा कर परेशान हो गया है! लेकिन किसी प्रकार की कोई मदद नहीं हुई है!



