भूली जलाशय से 40 हजार किसानों को प्रेशराईड सिंचाई प्रणाली सीधे खेतों में मिलेगा पानी

पांढुरना गुरूवार की दोपहर ग्राम खड़की की शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में अपर कलेक्ट नीलमणि अग्निहोत्री की प्रमुख उपस्थिति में पर्यावरण प्रदूषण के संबंध में लोकसुनवाई का आयोजन किया गया
इस अवसर पर मध्यप्रदेश पर्यावरण विभाग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कैलाश कटारे ने
ग्राम खड़की में प्रस्तावित भूली जलाशय निर्माण के डूब क्षेत्र से प्रभावित भूमियों पर स्थित वृक्षों के डूब जाने के संबध में लोकसुनवाई के दौरान आक्षेप प्राप्त किया गया। साथ ही साथ डूब प्रभावित क्षेत्र मे स्थित कुंए, ट्युबवेल आदि जल संरचनाओं के डूब जाने की स्थिति पर आपत्ति प्रस्तुत की गई। लोकसुनवाई के दौरान ग्राम वासियों द्वारा दिये गये सुझावों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा अभिलिखित किया गया तथा लिखित मे भी सुझाव प्राप्त किये गये।

भूली जलाशय से होने वाले फायदे

भूली जलाशय से पांढुर्णा जिले के किसानों को होने वाले बड़े फायदे के संबंध में किसानों को अधिकारियों ने जानकारी देते हुवे भूली जलाशय निर्माण से 79 ग्रामों की 26157 हेक्टेयर भूमि सिंचित की होगी,अनुमानित 40 हजार किसानों को प्रेशराईड सिंचाई प्रणाली से पानी सीधा जलाशय से किसानों के खेत तक भूमिगत पाईप लाईन बिछाकर पहुंचाया जायेगा साथ ही किसानों के खेत मे स्प्रिंकलर भी लगाया जायेगा जिससे किसान अपने खेतों में अनाज, सब्जी एवं फलदार वृक्षों का उत्पादन कर आर्थिक विकसित होगा।संकटग्रस्त पलायन/विस्थापन में भी कमी आयेगी। बुनियादी सुविधाओं में वृध्दि होगी। इससे ना केवल ग्रामीणों को अपने समुदायो में रहने के लिये प्रोत्सिाहित होगे, बल्कि स्थानीय अर्थ व्यावस्था भी पुर्न जीवित होगी। जिससे खाद सुरक्षा, स्थिर आजिविका और सतत विकास के अवसर सुनिष्चित होगे।

पीने के पानी की व्यवस्था होगी

पांढुर्णा जिले के बड़े भू-भाग में भू-जल स्तर में वृध्दि होगी। बेहतर जल उपयोग होगा। उच्च दक्षता वाली केन्द्रीय पम्पिंग प्रणाली के कारण व्यक्तिगत किसानों द्वारा उपयोग की जाने वाली पारंपरिक पम्पिंग प्रणालियों की तुलना में उर्जा खपत तें 69 मिलियन KW-hr की शुद्ध कमी आयेगी, उर्जा उपयोग में कमी के परिणाम स्वरुप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती हैं। जो काबर्न फुटप्रिंटं में कमी के बराबर हैं। हर किसान कों समान सिंचाई जल उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह प्रणाली पर्याप्त बिजली बचत प्राप्त करती हैं। जिससे प्रत्येक मौसम में कार्बन फुटप्रिंटं में आवर्ती कमी आती हैं। पांढुर्णा जिले के 79 ग्रामों मे जल स्तर में वृद्धि होने से वृक्षारोपण एवं वनीकरण में सहायता मिलेगी तथा पर्यावरण का लाभ होगा।

जिला कलेक्टर त्वरित अधिकारियों को मांगी जानकारी

जिला कलेक्टर अजयदेव शर्मा ने पर्यावरण संबधी ग्राम खड़की की लोकसुनवाई के त्वरित बाद एसडीएम सुश्री नेहा सोनी. विनय प्रकाश ठाकुर
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग छिन्दवाडा, श्रीमति संजना चौधरी अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग सौसर व अन्य अधिकारीयो से
लोकसुनवाई के संबध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की साथ ही प्रत्येक पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया।

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Author: aajtak24x7

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