अमरोहा: नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, लैब संचालक सहित तीन गिरफ्तार
अमरोहा पुलिस ने नकली नोटों का जाल फैलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना एक पैथोलॉजी लैब संचालक निकला, जिसने प्रिंटर की उच्च गुणवत्ता देखकर नकली नोट छापने का आइडिया तैयार किया था।एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि गिरोह बीते एक माह से सक्रिय था। मुख्य आरोपी अनुज पुत्र रमेश, निवासी गांव गोजनी मिलक, थाना अचौड़ा कांबोह, जनपद संभल, ने हाल ही में एक प्रिंटर खरीदा था। प्रिंटर की गुणवत्ता देखकर उसने ₹50 के नकली नोट छापने शुरू कर दिए। इन नोटों को बाजार में खपाने के लिए उसने अपनी ही लैब में कार्यरत दो युवकों अजय पुत्र होमपाल, निवासी चंदपुरा, और पवन पुत्र सतवीर सिंह, निवासी गोजनी मिलक को साथ मिला लिया।आदमपुर थाना क्षेत्र के एक दुकानदार की सतर्कता के चलते मामला सामने आया। दुकानदार ने नकली नोट को पहचान लिया और आरोपी युवक को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह की पूछताछ में पूरे गिरोह की जानकारी सामने आ गई।
पुलिस ने बरामद किए
₹50 के 23 नकली नोट
एक कलर प्रिंटर
एक बाइक तीन मोबाइल फोन
नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला विशेष कागज पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से नकली करेंसी चलाने वालों के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस टीम को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना भी मिली है।
संवाददाता जमशेद अली अमरोहा उत्तर प्रदेश



