वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस पर आयोजित होने वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आयोजकों द्वारा हास्य कवि का आमंत्रण शर्मसार
ग्वालियर से अतुल मल्होत्रा की रिपोर्ट
वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस के मौके पर दिनांक 18.5.25 को आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन में आयोजकों ने देश भर से कवियों को आमंत्रित किया गया है
जिसमें एक कवि अरुण जैमिनी हरियाणवी, जो हास्य कवि हैं, आमंत्रित किये गये है।
क्या बलिदान दिवस हास्य के कवि सम्मेलन का है या वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस का? इसमें तो ओज के कवियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए था।
आयोजकों ने शायद मुख्यमंत्री जी को भी ओज नहीं हास्य सुनने के लिए आमंत्रित किया है।
नगर निगम प्रशासन, जो आयोजक भी हैं क्या उनके संज्ञान में नहीं है।
कवि सम्मेलन के लिए निश्चित रूप से कविता के कुछ दलालों द्वारा नाम सुझाये जाते हैं। जैसे कि आदरणीय अटल सम्मान समारोह में किया गया था। क्या यही ग्वालियर की संस्कृति हो गई है। कि वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस को भी हास्य की बलि चढ़ा दिया जाये जैसा कि अटल जी के कवि सम्मेलन में किया गया था। वीरांगना लक्ष्मीबाई से भारत की संस्कृति जुड़ी हुई है।
क्या प्रशासन और आयोजक संज्ञान लेंगे।



