. ग्वालियर से अतुल मल्होत्रा की रिपोर्ट .अनुबंध के हिसाब से दिसम्बर 2024 तक काम पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन काम पूरा ना होने की वजह से रेल्वे के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट की सीमा दिसम्बर 2025 तक कर दी .काम करने वाली कंपनी ने अनुबंध की शर्तों के मुताबिक स्टेशन आने जाने रास्तो पर चलने तथा ट्रेन में सवार होते या उतरते समय यात्रीयो को धूप और पानी से बचने के लिए कोई वैकल्पिक शेड की व्यवस्था नहीं है
Author: aajtak24x7
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