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मनोज केवट मंडलेश्वर
मंडलेश्वर:- एनजीटी के रोग के बावजूद भी रेट माफियाओं द्वारा अवैध खनन कर मां नर्मदा जी के आंचल को छलनी किए जाने का कृत्य किया जा रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उलंघन किया जा रहा है जिसमें सुप्रीम कोर्ट की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के के माध्यम से मानसून के मौसम में रेत खनन को प्रतिबंधित किया गया था एनजीटी का रिवर बेड प्रतिवर्ष 1 जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक जारी रहता है जिसमें किसी नदी या जली स्रोत के अंदर या किनारो से खनन को प्रतिबंधित किया गया है पर जिला प्रशासन की मिली भगत से रेत माफिया ने जलीय जीव जंतुओं के इस प्रजनन काल को भी बाधित कर रखा है एनजीटी की रिवर बेड जिसमें खनन प्रतिबंधित रहता है फिर भी अवैध खनन करता जमकर फायदा उठाते हैं यह एक तरह से खनन कर्ताओं का चांदी काटने का समय चल रहा है बारिश के चलते नर्मदा में पानी का बहाव बढ़ जाता है और इस बहाव में उच्च गुणवत्ता की रेत बहकर आती है साथी रेत खदानों पर आम इंसानों का पहुंचना दुबर हो जाता है जहां उनके भारी वाहन आसानी से पहुंच जाते हैं और रात के अंधेरे में अवैध खनन का काम जोरों शोरों से जारी रहता है विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों की जुगलबंदी से यह काम भी बिना रोक टोक के चलता रहता है एनजीटी में स्टॉक की रॉयल्टी पर होता है परिवहन नियम अनुसार परिवहन कर रहे वाहनों को रेत के ठेकेदार द्वारा रॉयल्टी दी जाती है पर ठेकेदारों के कर्मचारी रॉयल्टी पर दो से तीन गाड़ियों को छोड़कर अपनी मनमानी से आप ने हिसाब से किसी से 2हजार टोकन तो किसी से 7हजार तक टोकन लेकर जेब भरने का काम कर रहे हैं जिससे प्रशासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं ठेकेदार और अवैध खनन करताओ की मिली भगत के चलते यही कर्मचारी एनजीटी में स्टॉक की रॉयल्टी पर रेत खनन को बढ़ावा देने का भी काम कर रहे हैं ठेकेदार द्वारा बनाए गए स्टॉक जिसमें रेत के भंडारण का काम बहुत पहले से शुरू हो जाता है पर विडंबना यह है कि लागू एनजीटी के काल में वह स्टॉक यथा स्थिति रखा रहता है और स्टॉक की रॉयल्टी पर अवैध रेत खनन और परिवहन जारी रहता है जिम्मेदार नहीं देते हैं ध्यान जिला प्रशासन का खनिज विभाग कई वर्षों से नींद में सोया हुआ है जिसके चलते ठेकेदार कसरावद लेपा महेश्वर पिपलिया पिटामली बेहगांव में दिन रात अवैध उत्खनन जोरों से चल रहा है और मां नर्मदा जी के आंचल को तार-तार छलनी करने का कृत्य किया जा रहा है जबकि अधिकारियों को इन विषय में बताते हैं तो अधिकारी सूचना कर्ताओं के नाम ओपन करके ठेकेदार द्वारा उन्हें व्यक्तिगत रूप से धमकाने का कार्य किया जा रहा है और अधिकारीयो द्वारा किसानों और आम नागरिक को मुरूम से लेवल (भरावा )करने के लिए जेसीबी या टैक्टर चलती है तो उनको परेशान करने और उनको पकड़ने का काम कर रहे हैं जबकि अवैध रेत माफिया को प्रशासन नजरअंदाज करते जा रहा है आखिर मां नर्मदा जी का आंचल कब तक छलनी होता रहेगा



