आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ


आमजन की समस्याओं व सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए मिशन समाधान दिवस कार्यक्रम बना एक नज़ीर।
औरैया 16 जुलाई, 2025/ जिलाधिकारी डॉ0 इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपद में राजस्व से जुड़ी समस्याओं व सरकारी/सार्वजनिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से कब्जा मुक्त कराने के लिए माननीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा/समन्वय के साथ की गई नवीन पहल के सार्थक परिणाम देखने को मिले है। इस नवाचार से आमजन को काफी राहत मिली है और जनपद भर में इसकी व्यापक सराहना हो रही है। बताते चले कि इस चलाए गए मिशन समाधान दिवस में जिलाधिकारी स्वयं भी पुलिस अधीक्षक के साथ आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराते है। यह मिशन समाधान दिवस प्रत्येक बृहस्पतिवार को आयोजित किया जाता है।
पूर्व में छोटे-छोटे राजस्व वादों और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को लेकर आम नागरिकों को बार-बार राजस्व और पुलिस कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनके समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती थी। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत राजस्व व पुलिस टीमों को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कर समस्याओं का नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया जाता है।
अभियान के तहत जनपद के चकमार्ग, चकनाली, गौ-चर, तालाब, खेल मैदान, ग्राम समाज/चरागाह की भूमि इत्यादि सार्वजनिक भूमि पर से अवैध अतिक्रमण हटाकर उन्हें मुक्त कराया गया। इन जमीनों को चिन्हित कर पुनः जनहित में उपयोग हेतु तैयार किया गया। साथ ही, राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे वादों का भी त्वरित निस्तारण कराया गया, जिससे जनपद के पीड़ित/परेशान समस्या ग्रस्त लोगों को राहत मिली।
आमजन द्वारा प्रशासन की इस पहल को सराहा जा रहा है और यह कहना है कि इस अभियान से न केवल धन और समय की बचत हो रही है, बल्कि न्याय के लिए उन्हें अब तहसील व जिला मुख्यालय पर बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी ने जनमानस को त्वरित और सुलभ न्याय मिलने को शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता मानते हुए आगे भी ऐसे नवाचारों के माध्यम से जनसमस्याओं का स्थायी समाधान किया जाता रहेगा, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि इसमें मा0 जनप्रतिनिधियों व आमजन का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है।
जनपद में 01 अगस्त 2024 से प्रारंभ किए गए नवाचार मिशन समाधान दिवस के तहत जनपद में कुल 6561 मामलों का निस्तारण स्थलीय निरीक्षण के उपरांत किया गया जिसमें आमजन के 3904 तथा सरकारी भूमि आदि संबंधी 2657 मामलों का निस्तारण किया गया।
जनपद की तहसील औरैया अंतर्गत संज्ञान में आये कुल 1821 प्रकरणों का निस्तारण हुआ है, जिसमें आमजन के 886 तथा सरकारी भूमि आदि के 935 मामले निस्तारित हुए। उक्त निस्तारणों में से वह प्रकरण जिनमें सर्वाधिक मूल्य की सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई इस प्रकार है कि ग्राम लहोखर में कुल 14 किता/कुल रकवा 8.26हे0 भूमि कब्जा मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड 55 लाख 18 हजार रूपये है। ग्राम कोठी पेंच कपास में गाटा संख्या 294/1 के अन्तर्गत रकवा 6.52 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 02 अरब रूपये है। ग्राम सेहुद में कुल 07 किता/रकवा 5.93 हे0 भूमि कब्जा मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 6 करोड 92 लाख 57 हजार रूपये है। ग्राम वैसुन्धरा में कुल 04 किता/रकवा 0.928 हे0 भूमि कब्जा मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड 47 लाख 2 हजार रूपये है और ग्राम ककराही की कुल 01 किता गाटा संख्या 463 के अन्तर्गत रकवा 0.300हे० भूमि कब्जा मुक्त कराई गई, जिसकी कीमत लगभग 02 अरब 26 करोड 80 लाख रूपये है।
इसी प्रकार जनपद की तहसील अजीतमल अंतर्गत संज्ञान में आये कुल 1605 प्रकरणों का निस्तारण हुआ है, जिसमें आमजन के 831 तथा सरकारी भूमि आदि के 774 मामले निस्तारित हुए। तहसील अजीतमल अंतर्गत हुए निस्तारणों में से वह मामले जिनमें सबसे अधिक वर्षों से लम्बित थे इस प्रकार है कि लगभग 30 वर्ष से अधिक पुराने ग्राम अकबरपुर स्थित संकमणीय भूमिधर गाटा संख्या 83 दर्ज सहखातेदारों के मध्य कब्जे के विवाद को आपसी सहमति के आधार पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया। लगभग 25 वर्ष पुराने ग्राम ब्यौरानवलपुर स्थित खेतों पर ट्रैक्टर लाने-जाने में विवाद को आपसी सहमति के आधार पर पैमाइश कर निस्तारित कराय गया। लगभग 20 वर्ष पुराने ग्राम लालपुर स्थित संक्रमणीय भूमिधर गाटा संख्या 339/1 में कब्जा के विवाद को सहखातेदारों के आपसी सहमति के आधार पर कब्जा दिया गया। लगभग 20 वर्ष पुराने ग्राम लालपुर स्थित संक्रमणीय भूमिधर गाटा संख्या 340/1 में कब्जा के विवाद को सहखातेदारों के आपसी सहमति के आधार पर कब्जा दिया गया तथा ग्राम लालपुर स्थित संकमणीय भूमिधर गाटा संख्या 348/1 में दर्ज सहखातेदारों की आपसी सहमति के आधार पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया।
इसी क्रम में जनपद की तहसील बिधूना अंतर्गत संज्ञान में आये कुल 3135 प्रकरणों का निस्तारण हुआ है, जिसमें आमजन के 2187 तथा सरकारी भूमि आदि के 948 मामले निस्तारित हुए। तहसील बिधूना अंतर्गत हुए निस्तारणों में से वह मामले जिनमें सबसे अधिक वर्षों से लम्बित थे इस प्रकार है कि लगभग 40 वर्ष से अधिक पुराने विवाद में राजस्व ग्राम बरकसी की गाटा सं० 182 रकवा 0.061 हे0 भूमि पर खातेदार विनय कुमार पुत्र बालकराम को सहमति के आधार पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया। लगभग 35 वर्ष से अधिक पुराने विवाद में राजस्व ग्राम बरकसी की गाटा सं0 27क रकवा 0.049हे0, 28 रकवा 0.028हे0 गाटा सं० 34 रकवा 0.041हे0 भूमि पर खातेदार राजेश कुमार पुत्र बच्चनलाल आदि को सहखातेदारों को सहमति के आधार पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया। लगभग 30 वर्ष से अधिक पुराने विवाद में राजस्व ग्राम बरकसी की गाटा सं0 580 रकवा 0.170हे० भूमि पर राहुल पुत्र उदयप्रताप नि० पुर्वाफकीरे मौजा बरकसी आदि एवं गाटा सं० 581ख रकवा 0.235हे0 पर सहमति के आधार पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया। लगभग 15 वर्ष से अधिक पुराने विवाद में राजस्व ग्राम पट्टी तोरना में प्रार्थिनी गिरजादेवी की गाटा सं0 25, 47, 193 पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया। लगभग 10 वर्ष से अधिक पुराने विवाद में राजस्व ग्राम बीसरमऊ में शिकायतकर्ता सुरेश, अरविन्द, आदेश कुमार, लक्ष्मण सिंह, जगतराम पट्टेदारों को गाटा सं0 408 कमशः रकवा 0.020हे0, 0.202हे0, 0.405हे0, 0.121 हे0 तथा जसस्थ सिंह को 0.405हे० भूमि पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया और राजस्व ग्राम मढाहादासपुर में प्रार्थी रमेशचन्द्र की गाटा सं० 520 मि पर पैमाइश कर कब्जा दिलाया गया।



