भाकियू (शंकर) का मांसाहारी दूध आयात के खिलाफ जोरदार प्रदर्श,
भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने मंगलवार को अमरोहा कलेक्ट्रेट पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया। यह विरोध अमेरिका द्वारा भारत में मांसाहारी दूध और डेयरी उत्पादों के आयात के प्रस्ताव के खिलाफ था। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह समझौता किया, तो किसान गायों को संसद भवन में बांधने को मजबूर होंगे। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया।
भाकियू (शंकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि अमेरिका भारत पर नॉनवेज दूध का आयात थोप रहा है, जो सूअर, मछली, मुर्गी, और अन्य पशुओं के मांस-खून के चूर्ण को गायों के चारे में मिलाकर तैयार किया जाता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह समझौता भारत के डेयरी उद्योग, किसानों और हलवाइयों को बर्बाद कर देगा, क्योंकि अमेरिकी दूध सस्ता होगा और स्थानीय दूध की मांग खत्म हो जाएगी।
एसबीआई के सर्वे के हवाले से सिंह ने बताया कि इस समझौते से दूध की कीमतें 20-25% गिर सकती हैं, जिससे किसानों को लाखों करोड़ का नुकसान होगा। संगठन ने मांग की कि भारत सरकार दूध या कृषि उत्पादों के आयात पर कोई समझौता न करे, क्योंकि भारत इनमें आत्मनिर्भर है।
प्रदर्शन में चौधरी धर्मवीर सिंह, नेमपाल सिंह, विक्रम सिंह पंवार, महिपाल सिंह, कमल सिंह, जयविंदर, रमेश, पंकज कुमार, जितेंद्र चौहान, नईम, जरीना रानी, सुनीता देवी, अशोक चौधरी, गजराम सिंह चौहान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
संवाददाता जमशेद अली अमरोहा उत्तर प्रदेश



