मेला दुकानों की ई टेंडरिंग के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन में उमड़ा व्यापारियों का आक्रोष

अतुल मल्होत्रा ब्यूरो रिपोर्ट

जताई आशंका : दुकानों की टेंडरिंग की तो छोटे मझौले दुकानदारों के हाथों से छिनकर ब्लैक का धंधा करने वाले मुनाफाखोर लोगों के हाथों में चली जाएंगी सवासौ साल पुरानी दुकानें

कैट, चैंबर, हाईकोर्ट बार, धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी व्यापारियों के धरने में शामिल होकर दिया पुरजोर समर्थन

ग्वालियर, 22 जुलाई। श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला की दुकानों को ईं टेंडर से आवंटित करने के खिलाफ मेला व्यापारियों ने आज मंगलवार को जमकर आक्रोष जताते हुए मेला प्राधिकरण मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस धरना प्रदर्शन में मेला प्राधिकरण के पूर्व पदाधिकारी, कैट, चैंबर, हाईकोर्ट बार, अचलेश्वर ट्रस्ट सहित नगर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भागीदारी की। इस अवसर पर सभी ने अपने उद्बोधनों में मेला प्राधिकरण को चेतावनी दी कि इससे पहले कि यह आंदोलन उग्र रूप धारण करे, मेला प्राधिकरण को तत्काल प्रभाव से ई टेंडरिंग के जरिए दुकान आवंटन करने का व्यापार विरोधी फैसला वापस ले लेना चाहिए। ग्वालियर का व्यापार जगत यह निर्णय बदलवाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह नई तुगलकी प्रक्रिया अपनाए जाने पर उन्हें मेला व्यापारियों को न सिर्फ दुकान आवंटन में असुविधा एवं समस्याओं का सामना करना पड़ेगा बल्कि ऊंची बोली की दम पर मेला की दुकानें पारम्परिक छोटे मझौले दुकानदारों के हाथों से छिनकर ब्लैक का धंधा करने वाले मुनाफाखोर लोगों के हाथों में चली जाएंगी।
मेला प्राधिकरण भवन पर श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ का यह धरना प्रदर्शन अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी, संयोजक उमेश उप्पल, चंदन सिंह बेस के नेतृत्व में सैकड़ों मेला व्यापारियों की उपस्थिति में चला। जगदीश उपाध्याय कल्ली पंडित के संचालन एवं अनुज सिंह गुर्जर के आभार प्रदर्शन के साथ आयोजित इस धरना प्रदर्शन में पहुंचकर मेला प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, कैट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेंद्र जैन, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के समाजसेवी राजीव चढ़डाविजय कब्जू, हाईकोर्ट बार के एड. पवन पाठक, एड. ऋषिकुमार कटारे, एड. रविवल्लभ त्रिपाठी एवं श्री अचलेश्वर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष हरिदास अग्रवाल आदि विशिष्टजनों ने पहुंचकर न सिर्फ अपना पुरजोर समर्थन दिया बल्कि अपने भाषणों में यह संकल्प जताया कि वे संघर्ष की हर घड़ी में मेला व्यापारियों के साथ खड़े रहेंगे।
मेला प्राधिकरण बोर्ड गठित किया जाए ताकि ऐसे तुगलकी फरमानों पर रोक लग सके : महेन्द्र भदकारिया
इस अवसर पर धरना प्रदर्शन में मौजूद मेला व्यापारियों को संबोधित करते हुए मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया ने कहा कि अभी हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। सुनवाई नहीं होने पर संघर्ष के अन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि मेला व्यापारी संघ चाहता है कि तत्काल मेला प्राधिकरण बोर्ड गठित किया जाए ताकि मेला में अफसर राज खत्म होकर ऐसे तुगलकी फरमानों पर विराम लग सके। उन्होंने कहा कि ग्वालियर व्यापार मेला की 75 प्रतिशत दुकानों को ईं टेंडर के माध्यम से आवंटित किए जाने का मेला प्राधिकरण बोर्ड का निर्णय मेला में विगत कई पीढ़ियों से दुकानें लगाते आ रहे पारंपरिक व्यापारियों एवं दुकानदारों के हितों पर डाका डालने जैसा कदम है। उन्होंने मांग की कि मेला में विगत वर्ष दुकानें लगाने वाले व्यापारियों से तत्काल पैसा जमा कराकर उन्हें दुकानें आवंटित की जाएं। मेला व्यापारी संघ को ऑनलाइन प्रक्रिया पर कोई एतराज नहीं है लेकिन ईटेंडर प्रोसेस को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
चार पांच सदस्यों की वर्चुअल बैठक बुलाकर इतना बड़ा निर्णय लेना आश्चर्यप्रद : महेश मुदगल
मेला व्यापारी संघ के सचिव महेश मुदगल ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं ने चार पांच सदस्यों की वर्चुअल बैठक बुलाकर मेला व्यापारियों के भविष्य और मेला की शानदार विरासत को प्रभावित करने वाला इतना महत्वपूर्ण निर्णय ले लिया जबकि इस तरह के व्यापक निर्णय के लिए प्राधिकरण की पूर्ण बैठक में लिए जाते हैं। निर्णय से पूर्व मेला व्यापारी संघ का भी पक्ष सुना जाना था लेकिन मेला प्राधिकरण इस बात से वाकिफ था कि पूर्ण बैठक में इस तरह का अव्यावहारिक निर्णय कभी पारित हो ही नहीं सकता था।
यदि शिकमी दुकानदार हैं तो जांच कर उनके आवंटन निरस्त किए जाएं : अनिल पुनियानी
मेला व्यापारी संघ के संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने मेला प्राधिकरण के अव्यावहारिक एवं असंवेदनशील निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि व्यापार मेला की 75 प्रतिशत दुकानों को ईं टेंडर के माध्यम से आवंटित किया जाना और सिर्फ 25 प्रतिशत दुकानें ही पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करना कहीं से भी उचित नहीं है। हम मेला व्यापारी संघ की बात मानते है कि मेला में पांच प्रतिशत शिकमी दुकानदार हो सकते हैं अथवा कुछ लोग दुकानों का गलत तरह से हेरफेर करते हों लेकिन उनके इस कृत्य की सजा सभी सौ प्रतिशत दुकानदारों को नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर मेला में यदि शिकमी या नकली दुकानदार है तो उसकी जांच कर उनके आवंटन निरस्त किए जाएं। निष्पक्ष जांच कराने का दायित्व मेला प्राधिकरण का है।
वही प्रक्रिया अनवरत रखी जाए जो पिछले 119 साल से मेला में जारी है : उमेश उप्पल
मेला व्यापारी संघ के संयोजक उमेश उप्पल ने मेला व्यापारी संघ के इस मत को दोहराया कि मेला में दुकान आवंटन की वही प्रक्रिया अनवरत रखी जाए जो पिछले 119 साल से मेला में जारी है। अधिकांश दुकानदार आधुनिक तकनीक से अनभिज्ञ हैं, नतीजन ई टेंडर करने से पीढ़ी दर पीढ़ी दुकानें लगाते आ रहे पारम्परिक दुकानदार वंचित रह जाएंगे क्योंकि अधिक बोली लगाने वाले लोग दुकानें हासिल कर लेंगे। मेला प्राधिकरण बोर्ड को यह ध्यान में रखना चाहिए कि मेला आयोजन का उद्देश्य सरकार द्वारा मुनाफा कमाना नहीं बल्कि ग्वालियर मेला के जरिए व्यापारिक एवं सांस्कृतिक वातावरण विकसित करना है।
ये मेला व्यापारी हुए सम्मिलित
धरना प्रदर्शन में मेला व्यापारी संघ के सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष अनुज सिंह गुर्जर, राजू चड्ढा, संजय दीक्षित, महेन्द्र सेंगर, अशोक व्याख्याता, महेन्द्र खत्री, अनिल राठौर, जतिन हिरयानी, रमेश शर्मा, बीके अग्रवाल, रतन समाधिया, रामू अरोड़ा, आशीष शर्मा, युवराज कंसाना, संजय चौहान, अचल भदकारिया, कंचन राव, नीलम आदि सहित सैकड़ों की संख्या में मेला व्यापारी सम्मिलित हुए। धरना प्रदर्शन के समापन पर मेला सचिव श्री त्रिपाठी को मान. मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री श्रीमंत सिंधिया, एमएसएमई मंत्री, संभागायुक्त सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के नाम ज्ञापन देकर दुकान आवंटन की ई टेंडरिंग पद्धति वापस लेने एवं मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन तत्काल करने की मांग की गई। प्रेषक

महेन्द्र भदकारिया, अध्यक्ष
श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ, ग्वालियर

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