आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ

औरैया 26 जुलाई 2025 – जिला मजिस्ट्रेट डॉ0 इंद्रमणि त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि दिनांक 27 जुलाई 2025 को संपन्न होने वाली समीक्षा अधिकारी /सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में लोक व्यवस्था, शाति व्यवस्था एवं जन सुरक्षा बनाये रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 की धारा -163 एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लागू कर दी गई है। यह निषेधाज्ञा जनपद के सम्पूर्ण क्षेत्र में दिनांक 27 जुलाई 2025 (रविवार) के लिये लागू रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इस धारा के प्रभावी होने से किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मिलित नहीं होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरूद्ध गतिविधि में भाग लेना हो। कोई भी व्यक्ति जुलूस अथवा आमसभा किसी भी सार्वजनिक स्थल पर उप जिला मजिस्ट्रेट, औरैया/बिधूना / अजीतमल की अनुमति के बिना आयोजित नहीं करेगा, परन्तु इस प्रतिबन्ध से शव यात्रायें मुक्त रहेगी। कोई भी व्यक्ति रेल अथवा सड़क यातायात के संचालन में बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति या संगठन रोड जाम नहीं करेंगा। जिससे परीक्षा के समय, छात्र-छात्राओं को आवागमन में असुविधा न हो। कोई भी व्यक्ति दिनांक 27 .07.2025 को परीक्षा केन्द्र पर पेपर, पेन्शिल बाक्स, कैलकुलेटर, पर्स, धूप का रंगीन चश्मा, कैंप, ज्वैलरी, खाद्य सामग्री, मोबाइल, पैन ड्राइव, कैमरा, घड़ी चाबी, ब्लूटूथ, डिजिटल पेन, हैल्थ बैन्ड आदि वस्तुए परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिबन्धित रहेगी। परीक्षा केन्द्रों के आपस-पास ध्वनि विस्तारक यत्रो का प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया जाये। परीक्षा केन्द्र पर तैनात सुरक्षा कर्मियो के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के शस्त्रादि लेकर परीक्षा स्थल पर जाने की अनुमति न दी जाय तथा इसका उल्लघन करने वाले व्यक्ति को सुसंगत धारा के अन्तर्गत दण्डित करने की कार्यवाही की जाये। परीक्षा केन्द्रों से न्यूनतम 200 गज की परिधि में फोटो कॉपियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाये। साइबर कैफे, जन सेवा केंद्र, पुस्तक भंडार आदि की दुकान नहीं खुली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनपद में कोई भी ड्रोन कैमरा का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना नही करेगा, किन्तु सुरक्षा एजेन्सियों इससे मुक्त रहेगी। कोई भी व्यक्ति/संगठन/समूह/सम्प्रदाय/दल/सोशल मीडिया साइट्स जैसे व्हाटसएप, धर्म/वर्ग / सम्प्रदाय आदि के किसी भी महापुरूष, देवी देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्षसंख्या वि प्रति किसी भी रूप में अनादर करने का प्रयास नहीं करेगा और न ही कोई व्यक्ति सोशल मीडिये की किसी भी साइट्स पर परीक्षा से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की कोई अफवाह नहीं उड़ायेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी परीक्षा की सुचिता को प्रभावित नही करेगा और न ही कोई ऐसा कृत्य करेगा, जिससे उक्त परीक्षा प्रभावित एवं अवरोधित हो। कोई भी व्यक्ति किसी जाति, सम्प्रदाय, वर्ग विशेष एवं धार्मिक मुद्दों को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत नहीं करेगा, जिससे किसी वर्ग विशेष में आक्रोश एवं साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिले। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता है एकत्रित नहीं करेगा साथ ही कंकड, पत्थर, खाली बोतलों, शीशे के टुकड़े आदि ऐसी सामग्री का संग्रह, जिसका प्रयोग लोक व्यवस्था / शान्ति कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकता है, अपने भवनों में या छतो या अन्य स्थानों पर एकत्र नहीं करेगा और न ही रखेगा। कोई भी व्यक्ति / संगठन द्वारा ऐसा कोई कार्यक्रम सार्वजनिक/निजी स्थल पर आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे किसी जाति/पंथ/संगठन/धर्म के अनुयायिओं/व्यक्तियों की भावनाओं को आधात पहुँचे और साम्प्रदायिक / धार्मिक उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के प्रचार आदि के लिए अपने साथ-साथ किसी अन्य व्यक्ति की भूमि, भवन आदि का किसी भी रूप में प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नही करेगा। कोई भी व्यक्ति, भवन स्वामी की अनुमति के बिना उसके भवन, दीवार अथवा अन्य स्थान पर पोस्टर, हैण्डबिल नहीं चिपकायेगा और न ही होर्डिंग व कट आउट लगायेगा और न ही बिना भवन स्वामी की अनुमति के दीवारों पर प्रचारलेख करायेगा एवं भवन स्वामी के अनुमति के उपरान्त सक्षम प्राधिकारी को सूचित करेगा तथा उनसे भी अनुमति लेगा। कोई भी व्यक्ति सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट, की अनुमति के बगैर लाउडस्पीकर व ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि प्रायः यह देखा गया है कि छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देकर एवं साम्प्रदायिक उन्माद भड़का कर शान्ति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करते है, इसलिए यह आवश्यक है कि छोटी से छोटी घटनाओं पर भी कड़ी दृष्टि रखी जाये तथा सभी घटनाओं का त्वरित निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को गुमराह करने वाले तत्वों /संस्थानों पर कड़ी निगाह रखी जाए तथा संवेदनशील स्थानों की सघन जांच कराई जाए। आवश्यकता अनुसार ऐसे समस्त तत्वों के विरुद्ध सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत आवश्यक निरोधक विधिक कार्रवाई की जाए, परीक्षा की गरिमा एवं सुचिता को बनाए रखने हेतु आवश्यक कार्रवाई समय से सुनिश्चित कर ली जाए। यह आदेश किसी भी समय संशोधित / परिवर्तित / निरस्त किया जा सकता है। इस आदेश का उल्लघंन करने वाला व्यक्ति सुसंगत धाराओ के अन्तर्गत दण्ड पाने का भागी होगा।



