लंबे समय से जहां क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध उत्खनन, पशु व शराब तस्करी, गांजा कारोबार, साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाज़ी (महादेव ऐप्स सहित) जैसे संगठित अपराध खुलेआम संचालित हो रहे थे, वहीं अब इन पर नकेल कसती पुलिस की छवि सामने आ रही है।
पुलिस कप्तान और एएसपी के नेतृत्व में संजय खलको की सक्रियता ने बदली तस्वीर
बीते 7-8 माहों में थाना प्रभारी संजय खलको की नियुक्ति के बाद से अपराधों पर न सिर्फ प्रभावी अंकुश लगा है, बल्कि भ्रष्ट और आपराधिक तंत्र से गठजोड़ के आरोपों से जूझती पुलिस की छवि को भी सुधारा गया है। यह संभव हो सका है पुलिस अधीक्षक श्री मोती-उर-रहमान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मो. इसरार मंसूरी के सशक्त मार्गदर्शन और थाना प्रभारी संजय खलको की जमीनी मेहनत के कारण।
खलको की ताबड़तोड़ कार्यवाही के बाद थाना परिसर में दलालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यही कारण है कि अब ऐसे तत्व जो आपराधिक गतिविधियों से अवैध वसूली करते थे, वे अब सोशल मीडिया के माध्यम से थाना प्रभारी की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
सात महीने में दर्जनों बड़ी कार्यवाहियां, वर्षों पुराना ढर्रा टूटा
कानून प्रकरण संख्या
आबकारी एक्ट 137
जुआ एक्ट 12
एनडीपीएस एक्ट 6
धारा 34 पुलिस एक्ट 27
मोटर व्हीकल एक्ट 502
खनिज अधिनियम 15
शांति भंग/संदिग्ध गतिविधियां 720
संज्ञेय अपराध आशंका 25
आदतन अपराधियों पर कार्यवाही 31
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि खलको का कार्यकाल पिछले तीन वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सक्रिय और असरदार रहा है।
थाने से दलालों का सफाया, अपराधियों में खौफ का माहौल
रिपोर्टर दिनेश केवट
अनूपपुर



