बीसवीं शताब्दी में औद्योगिक ग्वालियर राज्य को संपन्न बनाने वाले थे माधौ महाराज: करकरे

अतुल मल्होत्रा ब्यूरो रिपोर्ट

कै. माधौराव सिंधिया प्रथम की पुण्य स्मृति पर हुआ व्याख्यान, सम्मान भी किया

ग्वालियर। आधुनिक ग्वालियर के शिल्पकार माधौराव सिंधिया ने मात्र 10 वर्ष की आयु में एक संपन्नशाली रियासत की राजगद्दी संभाली। उनके राज्यकाल 1886-1925 में ग्वालियर के पुरातन काल का अंत होकर नवयुग का प्रादुर्भाव हुआ। 1894 में शासन सूत्र हाथों में लेने के बाद भी इन्होंने ग्वालियर राज्य का कल्पनातीत औद्योगिक विकास किया। यह बात इतिहास संशोधक एवं लेखक नीलेश ईश्वर चंद्र करकरे ने कै. माधौराव सिंधिया की पुण्य स्मृति में शताब्दी वर्ष पर आयोजित व्याख्यान को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम आशीष प्रताप सिंह राठोड़ के संयोजन में चेंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में माधौ महाराज स्मृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर थे। अध्यक्षता जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य ने की। इसके अलावा मराठा हितकारिणी सभा के पूर्व अध्यक्ष संग्राम कदम एवं कार्यक्रम संयोजक आशीष प्रताप सिंह राठौड़ मंचासीन रहे। आरंभ में अतिथियों ने कै. माधौराव सिंधिया की छायाचित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद प्रस्तावना रखते हुए संग्राम कदम बताया कि माधौ महाराज की कुशल प्रशासनिक क्षमता एवं विकास कार्यों से आज तक ग्वालियर लाभान्वित हो रहा है। तत्कालीन समय में ही स्मार्ट सिटी की परिकल्पना करके उन्होंने अपनी दूरदर्शिता जाहिर की। कार्यक्रम संयोजक आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि इस व्याख्यान का उद्देश्य माधौ महाराज प्रथम की दूरदर्शिता एवं उनके आधुनिक विचारों को लेकर ग्वालियरवासियों को ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देना है। मुख्य वक्ता श्री करकरे ने कहा कि वह एक ओर बीसवीं शताब्दी में औद्योगिक दृष्टि से ग्वालियर राज्य को संपन्न बनाने वाले थे। वहीं दूसरी ओर ग्वालियर को प्रत्येक क्षेत्र में शिखर पर पहुंचाने वाले दूरदृष्टा शासक थे। मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने माधौ महाराज के काल में ग्वालियर राज्य में हुए सुधारवादी कार्यों से सदन को अवगत करवाया। वहीं अध्यक्षता कर रहे जेयू के कुलगुरू प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि रियासत परंपरा में ग्वालियर घराना श्रेष्ठ रहा है। आज समाज में सामाजिक समरसता के भाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने इतिहास को जानें और पूर्वजों के कार्यों को पहचानें। अंत में कार्यक्रम संयोजक आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने फाउंडेशन के सदस्यों के साथ मंचासीन अतिथियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। संचालन लॉयंस क्लब के पूर्व प्रांत पाल नितिन मांगलिक ने किय । इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य यशवंत इंदापुरकर, मध्य भारत प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह विजय दीक्षित, डॉ. एसपी बत्रा अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत आरोग्य भारती, पूर्व गवर्नर रोटरी वीरेंद्र कुमार गंगवाल, एड. जयप्रकाश मिश्रा, अध्यक्ष जीवाजी क्लब राजू सेठ, सचिव संजय वर्मा, मोटिवेशनल स्पीकर बीके प्रहलाद, पूर्व अध्यक्ष अचलेश्वर न्यास राजीव चड्ढा, सुदर्शन झवर, अध्यक्ष तुलसी मानस प्रतिष्ठान अभय पापरीकर, अध्यक्ष मराठा हितकारिणी सभा बालराजे शिंदे, क्षत्रिय कल्याणकारी समिति के अध्यक्ष राजकरण भदोरिया, मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया ,रामबाबू कटारे, सचिव महेश मुद्गल, युवा जिलाध्यक्ष सर्व ब्राह्मण महासंघ कपिल भार्गव, आशी प्रतिभा दुबे, संजीव निगोतिया, सहित बड़ी संख्य में गणमान्य नागरिक मौजूद थे

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Author: aajtak24x7

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