सप्त्दश निर्वाण महोत्सव – 2025 :*ओंकारेश्वर में मारकंडे सन्यास आश्रम में चल रहा भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम **श्रद्धांजलि सभा और महाप्रसाद भंडारे के साथ होगा समापन

ओंकारेश्वर (नि प्र)
मां नर्मदा तट पर स्थित श्री मार्कण्डेय संन्यास आश्रम में ब्रह्मलीन प. पू. स्वामी रामानंद सरस्वतीजी महाराज की पावन स्मृति में आयोजित सप्तदश निर्वाण महोत्सव का 17वा वर्ष मेभव्य शुभारंभ 11 सितम्बर 2025, गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में संतों ने जीवन में तृष्णा को त्याग करने एवं संगति सत्संग करने की महत्ता पर
प्रवचन दिए। दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक महापुरुष तुलसीदासजी के विचारों पर आधारित “जीवन में देवत्व एवं समाज के लिए त्याग का महत्व” विषय पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए गए। पूरे दिन भक्ति गीत, मंत्रोच्चार और प्रवचनों से वातावरण 3:00 बजे से 5:30 बजे तक “प्राचीन आदर्श परिवार की दृष्टि से वर्तमान परिवार” विषय पर संतों द्वारा व्यापक विवेचन होगा। इसमें पारिवारिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, समाज के समरसता-सिद्धांत और आधुनिक जीवन में आध्यात्मिकता के महत्व जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
13 सितम्बर 2025 (शनिवार) को महोत्सव का समापन अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ होगा। दिन की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे से लघुरुद्राभिषेक से होगी, जिसके बाद प्रातः 7:00 से 7:40 बजे तक भक्तजन भक्ति रस से ओत-प्रोत भजन-संकीर्तन का आनंद लेंगे। तत्पश्चात 7:40 से 8:00 बजे तक कर्पूरार्चन किया जाएगा। प्रातः 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ब्रह्मलीन प. पू. स्वामी रामानंद सरस्वतीजी महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस अवसर पर संतजन स्वामीजी के आध्यात्मिक योगदान और शिक्षाओं पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
महामंडलेश्वर स्वामी श्री सच्चिदानंद गिरिजी महाराज (मार्कण्डेय योगाश्रम, ओंकारेश्वर), महामंडलेश्वर स्वामी श्री अनन्तदेवजी महाराज (वामदेव ज्योतिर्षट, वृंदावन), महामंडलेश्वर स्वामी श्री जगदीशपुरीजी महाराज (अमृतज्ञान निरंजनी आश्रम, शक्करगढ़, राजस्थान), महामंडलेश्वर स्वामी श्री विराजनन्द गिरिजी महाराज (कैथल, हरियाणा), महामंडलेश्वर स्वामी श्री दिव्यानंदपुरीजी महाराज (साधना सदन आश्रम, हरिद्वार), महामंडलेश्वर स्वामी श्री विजयानंदपुरीजी महाराज (द्वादश पीठाधीश्वर कैलाश आश्रम एवं श्रीरामानंद अवधूत आश्रम, ऋषिकेश), स्वामी श्री अखण्डानन्दजी महाराज और आचार्य श्री हनुमान चैतन्यजी महाराज (आलंदी, महाराष्ट्र)। सभी
यह महोत्सव ओंकारेश्वर के आध्यात्मिक जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन भक्ति, ज्ञान, सत्संग और त्याग की प्रेरणा से समाज और परिवार के लिए मूल्यवान संदेश छोड़ने वाला है। यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है
मिश्रीलाल कोहरे की रिपोर्ट

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

100% LikesVS
0% Dislikes

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज

मौसम का हाल

मौसम डेटा स्रोत: https://weatherlabs.in