नायब तहसीलदार अशोक यादव के भृष्टाचार के कारनामों से जनता परेशान

बिना सुविधा शुल्क लिए नही करते कोई भी काम

दखिलखारीज करवाने के लिए होती है जमकर वसूली।

सीतापुर। जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री योगी जी भ्रष्टाचार को लेकर सजग है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर आमजन मानस को जीरो टालरेंस की बात करते है। वही प्रदेश से सटे जनपद सीतापुर की तहसील लहरपुर में तैनात नायब तहसीलदार अशोक यादव की भ्रष्टता के कारनामे आम जन मानस की जुबान पर है। अशोक यादव न्यायालय में चल रहे सभी वादों को लेकर सजग नहीं है। अशोक यादव की कार्यशैली बहुत ही खाऊ-कमाऊ नीति पर आधारित है। अशोक यादव पैसा लेकर किसी भी वाद का निर्णय एक पक्षीय कर देते है। अशोक यादव पैमाइश, वरासत आदि के वाद दर्ज करने के नाम पर हज़ारों रूपये वसूली करवाता है।सूत्रों की माने तो बैनामा दखिलखारीज करवाने के लिए 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की खुली वसूली नायब तहसीलदार अशोक यादव द्वारा की जा रही है जो व्यक्ति रुपये नही दे पाता है उसका दखिलखारीज विवादित करके निरस्त कर दिया जाता है।वहीं वर्ष 2024 अक्टूबर की तालाब पट्टो की नीलामी में तालाब पट्टों की रजिस्ट्री के लिए अशोक यादव को प्रभारी बनाये जाने के लगभग 6 माह बाद भी 80 प्रतिशत तालाबों के पट्टों की रजिस्ट्री नही करवाई गयी क्योंकि तालाब पट्टा धारकों ने इनको रुपये नही दिए।जिन तालाबों के लिए रुपये जमा हो गए उन्ही की रजिस्ट्री हुई बाकी किसान सैकड़ों बार तालाबों की रजिस्ट्री के लिए तहसील के चक्कर काटते रहे।कुछ तालाब पट्टा धारकों ने इनके भृष्टाचार व वसूली से तंग होकर तहसील मिश्रिख की तर्ज पर यहां भी आरके को तालाबों की रजिस्ट्री हेतु प्रभारी बनाने के लिए उपजिलाधिकारी व तहसीलदार को प्रार्थना पत्र दिया तब आरके तालाबों की रजिस्ट्री के लिए प्रभारी नियुक्त हुए और उन किसानों के तालाब पट्टो की रजिस्ट्री हुई।नायब तहसीलदार अशोक यादव ने अपने ऑफिस में वसूली के लिए कई प्राइवेट चतुर्थ क्लास चपरासी रख रखे है। उन्ही के द्वारा यह धन उगासी करवाता है। अशोक यादव का भ्रष्टाचार तहसील में चरम शीमा पर चल रहा है। आम जन मानस अशोक यादव के इस रवैये से बहुत त्रस्त है। अशोक यादव के भ्रष्टाचार के आगे माननीय मुख्यमंत्री योगी जी का फरमान का कोई असर नहीं है। अशोक यादव धड़ल्ले से अपने व्यक्तिगत लोगों के ज़रिये पैसा वसूली करके अपना भ्रष्टाचार चरम सीमा पर फैलाये हुए है।इस सम्बंध में सामाजिक कार्यकर्ता नुसरत अली ने मुख्यमंत्री जी को ऑनलाइन प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री जी से निवेदन किया कि इस भृष्ट नायब तहसीलदार की भृष्टता की जाँच किसी उच्च स्तरीय कमेटी से गुप्त रूप में करवा कर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ विभागीय कारवाही करवाने की कृपा करे, ताकि तहसील लहरपुर में भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।अब देखना है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस भृष्ट अधिकारी पर कोई कठोर कार्यवाही भी करेंगे या ऐसे ही जनता से अवैध वसूली होती रहेगी।

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Author: aajtak24x7

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