



उपस्थित राष्ट्र सेवी संगठन संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में चीनी मिल चालू होना चाहिए था। लेकिन अभी तक चीनी मिल चालू नहीं किया गया है। जिसके कारण किसानों ने अपना बड़ी मात्रा में पेड़ी का गन्ना निजी कोल्हू को बेच दिया है। 8 नवंबर को चीनी मिल चालू किए जाने की घोषणा तो कर दी गई है। लेकिन पेराई का कार्य भी इस तिथि से अनवरत रूप से किया जाएगा इसमें संदेह है । उन्होंने कहा कि मिल चालू होने से पहले किसानों को पर्चियां जारी की जाएं। प्राकृतिक खेती के बारे में बोलते हुए श्री शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा गंगा तटीय क्षेत्रों में तो प्राकृतिक खेती करने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन दूर के क्षेत्र को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने मांग की कि दूर के क्षेत्रों में भी नमामि गंगे जैसी योजनाएं चलाकर दूर के किसानों पर भी प्राकृतिक खेती कराने पर जोर दिया जाए. जिस यार्ड में किसान अपना गन्ना लेकर आने वाले हैं ना कोई सफाई व्यवस्था टूटे पड़े हैं सीमेंट.के पिलर ना उनकी मरम्मत कराई गई किसानों के साथ इस तरह का विवाद सहन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर करन सिंह सभापति सहकारी संघ कुंदरखी भूड़, रूपचंद , होमपाल आदि मौजूद रहे। रिपोर्टर मुशीर खान ब्यूरो चीफ अमरोहा उत्तर प्रदेश


