डॉ. बादल वर्मा को अंतरराष्ट्रीय सस्य विज्ञान सम्मेलन में ‘बेस्ट पीएचडी थीसिस अवार्ड

डॉ. बादल वर्मा को अंतरराष्ट्रीय सस्य विज्ञान सम्मेलन में ‘बेस्ट पीएचडी थीसिस अवार्

जबलपुर से सुनील मौर्य की रिपोर्ट

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली में इंडियन सोसायटी ऑफ एग्रोनॉमी द्वारा आयोजित छठवां अंतरराष्ट्रीय सस्य विज्ञान सम्मेलन 2025 (6th International Agronomy Congress 2025) में जबलपुर के युवा वैज्ञानिक डॉ. बादल वर्मा को ‘बेस्ट पीएचडी थीसिस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान देश के शोधकर्ताओं के बीच उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान कार्य के आधार पर प्रदान किया जाता है।

 

सम्मेलन का भव्य उद्घाटन

सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा महानिदेशक, आईसीएआर, डॉ. एम. एल. जाट द्वारा किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 25 देशों से आए 1000 से अधिक सस्य वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया| सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, संरक्षण कृषि, स्मार्ट फार्मिंग, पोषक तत्व प्रबंधन, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि प्रणालियों से संबंधित अनेक तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

 

सम्मान समारोह

सम्मान समारोह में देश के प्रख्यात कृषिविज्ञानी एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. अरविंद कुमार तथा पूर्व कुलपति, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ (अकोला, महाराष्ट्र) डॉ. वी.एम. भाले द्वारा डॉ. बादल वर्मा को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। अवार्ड में प्रशस्ति पत्र तथा सोसायटी द्वारा ₹10,000 की पुरस्कार राशि भी शामिल है।

 

डॉ. वर्मा का शोध कार्य

डॉ. बादल वर्मा का पीएचडी शोध कार्य जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV), जबलपुर में संपन्न हुआ। उनका JNKVV में पीएचडी के लिए चयन देश की प्रतिष्ठित परीक्षा ICAR-SRF के माध्यम से हुआ था। डॉ. वर्मा के पीएचडी शोधकार्य का मार्गदर्शन कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार झा द्वारा किया गया।

 

शोध का महत्व

यह शोधकार्य जल संकट झेल रहे क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है। उनके अध्ययन से गेहूं में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, तनाव सहनशीलता सुधारने, सिंचाई जल की बचत करने, तथा स्थिर उपज प्राप्त करने जैसी महत्वपूर्ण संभावनाएँ सामने आई हैं। यह शोध किसानों को कम पानी में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

 

सम्मेलन में इस शोधकार्य को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों द्वारा भी सराहा गया। यह उपलब्धि न केवल डॉ. बादल वर्मा के लिए, बल्कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, भारतीय कृषि अनुसंधान प्रणाली और देश के युवा शोधकर्ताओं के लिए भी गौरव का विषय है। भारत की युवा वैज्ञानिक पीढ़ी द्वारा किए जा रहे इस तरह के उच्च-स्तरीय शोध को यह अवार्ड वैश्विक मंच पर विशेष पहचान दिलाता है।

 

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार मिश्रा द्वारा डॉ. बादल वर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई | साथ ही विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अश्विनी कुमार जैन, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेंद्र खरे, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी. के. कौतू, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. टी. आर. शर्मा, निदेशक निर्देश डॉ. अभिषेक शुक्ला, निदेशक प्रक्षेत्र डॉ. अनीता बब्बर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित कुमार शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. जयंत भट्ट, सस्य विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता जैन एवं विश्वविद्यालय के समस्त कृषि वैज्ञानिकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई |

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Author: aajtak24x7

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