*बस्ती में शहीदी दिवस पर भावपूर्ण कार्यक्रम, भगत सिंह-सुखदेव-राजगुरु को श्रद्धांजल*
दिलशाद अहमद ख़ां
बस्ती से
बस्ती: महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा शहीदी दिवस के अवसर पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के 95वें शहादत दिवस पर स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सभागार में भगत सिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर राम शंकर निराला, राम लौट, फकीर मोहम्मद खान, रामकेश गौतम और नासिर खान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने क्रांतिकारियों के त्याग, बलिदान और देशभक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के समापन के बाद उपस्थित लोगों ने महुआ डाबर संग्रहालय की धरोहर और ऐतिहासिक विरासतों का अवलोकन किया। संचालन दिलशाद मास्टर ने किया। इस अवसर पर डॉ. शाह आलम राना द्वारा ‘23 मार्च की वो रात’ शीर्षक से भावपूर्ण मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसमें शहीदों के बलिदान की गाथा को जीवंत किया गया।
मंचन के दौरान डॉ. शाह आलम राना ने महुआ डाबर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और 23 मार्च 1931 की उस अमर रात का मार्मिक चित्रण किया, जब लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते-हंसते देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए। प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया और देशभक्ति के जज्बे से भर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और युवाओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।



