देवसर में नया ठेका लगते ही शुरू हुई लूट, MRP से ₹30 ज्यादा वसूली, रेट लिस्ट गायब, आबकारी विभाग मौन*

*देवसर में नया ठेका लगते ही शुरू हुई लूट, MRP से ₹30 ज्यादा वसूली, रेट लिस्ट गायब, आबकारी विभाग मौन

*आशुतोष चतुर्वेदी की रिपोर्ट सिंगरौली*

*सिंगरौली।* जिले के देवसर स्थित समदा शराब दुकान इन दिनों अवैध वसूली का अड्डा बन चुकी है। नया ठेका लगते ही देवसरवासियों को खुलेआम लूटा जा रहा है। यहाँ उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालते हुए बियर और देसी शराब पर प्रिंट रेट (MRP) से ₹20 से ₹30 तक अधिक वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए है, जिससे ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं।

 

*₹120 की बियर ₹150 में, ऑनलाइन पेमेंट के सबूत*

 

स्थानीय ग्राहकों के अनुसार दुकान में मनमानी इस कदर हावी है कि ₹120 की बियर ₹150 में बेची जा रही है। वहीं ₹75 का देसी शराब पैवा ₹100 में दिया जा रहा है। विरोध करने पर ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने अधिक वसूली के UPI भुगतान के स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखे हैं, जो इस पूरे खेल का ठोस प्रमाण हैं।

 

*नियमों की धज्जियां, न रेट लिस्ट, न बिल*

 

आबकारी नियमों के अनुसार हर शराब दुकान पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है, लेकिन समदा दुकान से यह पूरी तरह गायब है। न ही ग्राहकों को बिल दिया जा रहा है। पारदर्शिता के अभाव में ठेकेदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

 

*ऊपर से आदेश है… कर्मचारियों की दलील*

 

जब ग्राहकों ने बढ़ी कीमतों का कारण पूछा, तो कर्मचारियों ने ऊपर से आदेश का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। सूत्र बताते हैं कि पुराने स्टॉक को भी नई दरों पर बेचा जा रहा है और यह वसूली तब तक जारी रखने की बात कही जा रही है जब तक नया स्टॉक नहीं आ जाता।

 

*गंदगी का अंबार, स्वच्छता भी नजरअंदाज*

 

दुकान के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वच्छता नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे यह साफ है कि ठेकेदार को न नियमों की परवाह है और न ही आम जनता की सुविधा की।

 

*आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल*

 

इतनी बड़ी अनियमितता के बावजूद आबकारी विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगवाई जाए और अवैध वसूली करने वाले ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त किया जाए।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस खुलेआम चल रही लूट पर कब तक कार्रवाई करता है या फिर देवसरवासियों को इसी तरह लुटने के लिए छोड़ दिया जाएगा।

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

100% LikesVS
0% Dislikes