बिना नोटिस गरीबों पर चला बुलडोजर! कैंट बोर्ड की कार्रवाई से मचा बवाल, FIR और मुआवजे की मांग

न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी

 

बिना नोटिस गरीबों पर चला बुलडोजर! कैंट बोर्ड की कार्रवाई से मचा बवाल, FIR और मुआवजे की मांग

जबलपुर। कैंट बोर्ड जबलपुर की कथित मनमानी और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ कैंट क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि कैंट वार्ड क्रमांक 8 स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम रोड पर वर्षों से चाय-पान एवं छोटे व्यवसाय कर अपना परिवार चलाने वाले गरीब दुकानदारों के ठेले-टपरे 3 जून की सुबह करीब 5:30 बजे बिना किसी पूर्व सूचना और नोटिस के तोड़ दिए गए।

पीड़ित दुकानदारों में विकास पिल्ले, मुन्ना सेन, दुम्मीलाल, प्रकाश, संजय सेन और साईं चाट सेंटर सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई ने उनकी रोजी-रोटी छीन ली है और अब उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी संकट बन गया है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान न तो पुलिस प्रशासन मौजूद था और न ही तहसील प्रशासन के अधिकारी। नियमों और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए सुबह अंधेरे में की गई तोड़फोड़ को गरीबों पर सीधा हमला बताया जा रहा है।

जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी और पंकज गुप्ता ने कैंट बोर्ड अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बिना नोटिस और पुनर्वास के गरीबों के रोजगार उजाड़े गए हैं तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मानवाधिकारों का भी हनन है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निलंबन की मांग की है।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कैंट क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय विधायक पूरे मामले में मौन बने हुए हैं, जिससे जनता में नाराजगी और बढ़ रही है। पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत गोरखपुर थाने में भी दर्ज कराई है।

संगठन की प्रमुख मांगों में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा, वैकल्पिक व्यवसायिक स्थान उपलब्ध कराना तथा भविष्य में बिना नोटिस किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक शामिल है।

जय महाकाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो कैंट बोर्ड कार्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

(नोट: कैंट बोर्ड के अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष मिलने पर समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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Author: aajtak24x7

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