एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक विवेचना के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक विवेचना के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

*एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में डिजिटल साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच और कानूनी प्रावधानों पर ग्वालियर पुलिस का विशेष प्रशिक्षण*

 

ग्वालियर दिनांक 28.06.2026। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश के परिपालन में एनडीपीएस एक्ट के अपराधों की गुणवत्ता पूर्ण विवेचना हेतु ग्वालियर जिले के विवेचकों के लिये पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) की उपस्थिति में कार्यशाला में अति. पुलिस अधीक्षक(पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी आरएफएसएल ग्वालियर डॉ0 विनोद ढींगरा और अपर जिला लोक अभियोजक विशेष न्यायालय नारकोटिक्स श्री धर्मेंद्र शर्मा सहित विवेचकगण उपस्थित रहे।

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) ने कहा कि मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, जिससे अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में मजबूत एवं प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। उन्होंने सभी विवेचकों से मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।

 

एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विवेचकों को एनडीपीएस एक्ट 1985 के प्रावधानों, 52ए की कार्यवाही, घटना स्थल पर वीडियो ग्राफी, टेस्टिंग किट का उपयोग करना, वाणिज्यिक मात्रा के अपराधों में आर्थिक अनुसंधान करने एवं एनडीपीएस के आरोपीगणों के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्यवाही किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विवेचना अधिकारियों को विवेचना में हो रही त्रुटियों, 52ए की कार्यवाही एवं मादक पदार्थों को कई प्रकार एवं उनकी पहचान आदि संबधी आवश्यक जानकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी आरएफएसएल ग्वालियर डॉ0 विनोद ढींगरा द्वारा प्रदाय की गई। प्रशिक्षण में कानूनी प्रावधानों तथा अन्य विषयों पर जानकारी अपर जिला लोक अभियोजक विशेष न्यायालय नारकोटिक्स श्री धर्मेंद्र शर्मा द्वारा प्रदाय की गई।

 

अति पुलिस अधीक्षक ग्वालियर सुमन गुर्जर द्वारा भी अपने अनुभवों को साझा करते हुए समस्त विवेचकों को न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान साक्ष्य देते समय अपनाई जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण में उप निरीक्षक से निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी समय में 15 जुलाई 2026 से चलाये जाने वाले अभियान ‘‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’’ के दौरान जनजागरूकता के साथ ही मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु कार्यवाही किये जाने हेतु अभियान को अधिक सफल बनाना होगा।

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Author: aajtak24x7

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