विंध्य-कैमूर की ‘प्रभवा’ श्रृंखला में वन औषधियों का अजूबा, वन तुलसी का कारोबार 100 करोड़ पार।
दुद्धी में पं. दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच की संगोष्ठी में जड़ी-बूटियों के संरक्षण और औद्योगिकरण से पर्यावरण पर प्रभाव पर मंथन।
आज तक 24x7news सोनभद्र से विनोद कुमार की रिपोर्ट।
दुद्धी सोनभद्र। पं. दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के तत्वावधान में शनिवार देर शाम होटल ग्रीन स्टार, दुद्धी में “वन औषधि जड़ी-बूटियों के संरक्षण, मानव जीवन में उपयोगिता तथा औद्योगीकरण के विस्तार से पर्यावरण पर प्रभाव” विषय पर भव्य संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ. लवकुश प्रजापति ने बताया कि विंध्य-कैमूर पर्वत श्रृंखला के ‘प्रभवा’ परिक्षेत्र का उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। यह क्षेत्र जड़ी-बूटियों, नदियों और वनों से आच्छादित है।
मुख्य वक्ता कन्हैयालाल अग्रहरि, डॉ. लखन राम ‘जंगली’ और डॉ. वीर अभिमन्यु सिंह ने कहा कि सोनभद्र जनपद वन औषधियों का अजूबा क्षेत्र है। यहां शतावर, मूसली, अश्वगंधा, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, गोखरू जैसी दुर्लभ प्रजातियों की बहुतायत है। दुद्धी क्षेत्र में ही वन तुलसी का कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक का है। वक्ताओं ने चिंता जताई कि जंगलों में हजारों पियार के पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और ग्रामीण वैद्यों के सहयोग से दुर्लभ वन उपजों को सूचीबद्ध करने की मांग की।
*पर्यावरण संरक्षण पर जोर*
नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन और अधिवक्ता नंदलाल अग्रहरि ने कहा कि ‘नंदन वन’ जैसी पहल से पर्यावरण संरक्षण का सराहनीय प्रयास हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की गाइडलाइन का पालन जरूरी है। अधिवक्ता प्रेमचंद्र यादव ने जनपद में विकास के साथ जनजागरूकता पर बल दिया।
निरंजन जायसवाल ने स्कूलों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाने का सुझाव दिया। प्रसाद कुंवर पब्लिक स्कूल के शिक्षक बलवंत कुमार ने बताया कि सोनभद्र में सर्वाधिक 29% वन क्षेत्र है, जिसके संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने विद्यालयों में जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
दिल्ली दूरदर्शन में सेवारत इसहाक अहमद ने डेनिया पहाड़ के पास 35 हेक्टेयर में सुरक्षा खाई बनाकर वृक्षारोपण की शासकीय पहल का उल्लेख किया। रामेश्वर प्रसाद राय, विंध्यवासिनी प्रसाद, डॉ. संजय गुप्ता और शिवशंकर प्रसाद ने भी विचार रखे।
डॉ. लखन राम ‘जंगली’ और डॉ. वीर अभिमन्यु सिंह ने पर्यावरण पर आधारित काव्य पाठ कर गूढ़ जानकारियां साझा कीं। संगोष्ठी का संचालन विचार मंच के महामंत्री जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी ने किया।
इस अवसर पर अजय धनेन्द्र जायसवाल, उपेंद्र कुमार तिवारी, सुशांत क्षेत्री, रेश्मा सुब्बा, भोलानाथ अग्रहरि, डॉ. कृष्ण कुमार चौरसिया, राहुल गुरुंग, हेमंत कुमार समेत दर्जनों प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


