जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी समाचार
नरवर के ऐतिहासिक किले पर अरबों की संपदा में से एक तोप चोरी होने पर चकरघिन्नी हुआ
प्रशासन व पुलिस महकमा
नरवर के ऐतिहासिक किले पर अंतरराष्ट्रीय तस्करों की नजर पूर्व में एक तोप नीचे ले गए थे चोर, पुलिस ने पकड़ी, थाने के सामने रख ली।
पूर्व कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने एक बार चर्चा में कहा था कि टूरिज्म के मामले में जितना पूरा खजुराहो है, उतना तो अकेला हमारा नरवर किला है।
अरबों रुपए कीमत की ऐतिहासिक संपदा को समेटे हुए नरवर किले पर बनी कचहरी में रखी 14 तोपों में से एक तोप चोरी हो गई।
पुरातत्व विभाग के गार्ड इसे हथियारबंद 30 लुटेरों की कहानी सुना रहे हैं।
लगभग 5 करोड़ की एक तोप होने से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है
जिले का नरवर किला अपने अंदर कितनी अकूत संपदा समेटे हुए है।
नरवर थाने के सामने रखी तोप भी चोरी की:
एक तोप पहले भी चोरी हुई थी, जिसे चोर किले के नीचे लेकर आए तभी चोरों को पुलिस ने दबोच लिया था।
चोरों से पुरातत्व महत्व की तोप तो नरवर थाना पुलिस ने बरामद कर लिया था,
लेकिन बरामद चोरी के माल को वापस किले तक ले जाना बहुत कठिन था,
इसलिए बनाए गए नए पुलिस थाने के गेट पर ही तोप रख दी है।
नरवर किला: अरबों की अकूत संपदा
नरवर किले में पहले अलग-अलग जगह तोप रखी हुईं थीं, जिन्हें महीनों की मेहनत के बाद किले की सबसे खूबसूरत बनाई गई जगह कचहरी में इकट्ठी रखवाई थीं, ताकि एक ही गेट से सभी की निगरानी हो सके। सैलानियों के लिए भले ही यह एक मौत की सजा देने एवं युद्ध में किले की सुरक्षा के लिए बनी एक भारी- भरकम तोप है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपए है। नरवर किला अपने अंदर अरबों रुपए कीमत की पुरातत्व महत्व की संपदा समेटे हुए है।
पुरातत्व विभाग की घोर अनदेखी:
नरवर किले पर दफीनाखोरों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय तस्करों की नजर पड़ चुकी है, वाबजूद इसके पुरातत्व महकमा इसकी सुरक्षा में बड़ी अनदेखी कर रहा है। जो गार्ड 30 हथियारबंद बदमाशों की स्टोरी सुना रहे हैं, वो खुद किले पर आखिरी बार कब गए थे, यह पूछना चाहिए। बताते हैं कि सुरक्षा गार्ड हार्ट पेशेंट होने की वजह से आधी दूरी पर ही रुककर सैलानियों से टिकिट वसूली करते हैं, तथा नीचे ही बीड़ी फूंकते रहते हैं।अंतरराष्ट्रीय तस्करों की नजर: पूर्व में एक तोप नीचे ले गए थे चोर, पुलिस ने पकड़ी, थाने के सामने रख ली
शिवपुरी से सैमुअल दास:
पूर्व कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने एक बार चर्चा में कहा था कि टूरिज्म के मामले में जितना पूरा खजुराहो है, उतना तो अकेला हमारा नरवर किला है। अरबों रुपए कीमत की ऐतिहासिक संपदा को समेटे हुए नरवर किले पर बनी कचहरी में रखी 14 तोपों में से एक तोप चोरी हो गई। पुरातत्व विभाग के गार्ड इसे हथियारबंद 30 लुटेरों की कहानी सुना रहे हैं। लगभग 5 करोड़ की एक तोप होने से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारे जिले का नरवर किला अपने अंदर कितनी अकूत संपदा समेटे हुए है।
नरवर थाने के सामने रखी तोप भी चोरी की:
किले में रखी एक तोप पहले भी चोरी हुई थी, जिसे चोर किले के नीचे लेकर आए तभी चोरों को पुलिस ने दबोच लिया था। चोरों से पुरातत्व महत्व की तोप तो नरवर थाना पुलिस ने बरामद कर लिया था, लेकिन बरामद चोरी के माल को वापस किले तक ले जाना बहुत कठिन था, इसलिए बनाए गए नए पुलिस थाने के गेट पर ही तोप रख दी है।
नरवर किला: अरबों की अकूत संपदा
नरवर किले में पहले अलग-अलग जगह तोप रखी हुईं थीं, जिन्हें महीनों की मेहनत के बाद किले की सबसे खूबसूरत बनाई गई जगह कचहरी में इकट्ठी रखवाई थीं, ताकि एक ही गेट से सभी की निगरानी हो सके। सैलानियों के लिए भले ही यह एक मौत की सजा देने एवं युद्ध में किले की सुरक्षा के लिए बनी एक भारी- भरकम तोप है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपए है। नरवर किला अपने अंदर अरबों रुपए कीमत की पुरातत्व महत्व की संपदा समेटे हुए है।
पुरातत्व विभाग की घोर अनदेखी:
नरवर किले पर दफीनाखोरों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय तस्करों की नजर पड़ चुकी है, वाबजूद इसके पुरातत्व महकमा इसकी सुरक्षा में बड़ी अनदेखी कर रहा है। जो गार्ड 30 हथियारबंद बदमाशों की स्टोरी सुना रहे हैं, वो खुद किले पर आखिरी बार कब गए थे, यह पूछना चाहिए। बताते हैं कि सुरक्षा गार्ड हार्ट पेशेंट होने की वजह से आधी दूरी पर ही रुककर सैलानियों से टिकिट वसूली करते हैं, तथा नीचे ही बीड़ी फूंकते रहते हैं।


