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रेलवे इंटर कॉलेज चोपन में प्रबंधन समिति का गठन, रेलकर्मियों के अधिकार की हुई पुनर्स्थापना*

लोकेशन/ सोनभद्र उत्तर प्रदेश

रिपोर्ट/ कन्हैयालाल केशरी

 

*रेलवे इंटर कॉलेज चोपन में प्रबंधन समिति का गठन, रेलकर्मियों के अधिकार की हुई पुनर्स्थापना

 

1988 से चली आ रही प्रबंधन व्यवस्था पर विराम, हाईकोर्ट के निर्णय के बाद रेलवे कर्मचारियों की समिति गठित

 

उमेश कुमार सिंह ने इसे बताया चोपन के रेलकर्मियों की बड़ी जीत

 

चोपन सोनभद्र । रेलवे इंटर कॉलेज चोपन के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया। उच्च न्यायालय प्रयागराज के निर्णय के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र के निर्देश पर रविवार, 09 अगस्त 2026 को रेलवे इंटर कॉलेज चोपन की प्रबंधन समिति का निर्वाचन कराया गया। निर्वाचन प्रक्रिया में रेलवे कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित होने के साथ ही चोपन के रेलकर्मियों ने इसे अपने अधिकार की पुनर्स्थापना की बड़ी जीत बताया। नई प्रबंधन समिति के गठन के बाद चोपन के रेलकर्मियों में उत्साह का माहौल है। रेल कर्मचारियों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए उच्च न्यायालय प्रयागराज, राज्य एवं जिला प्रशासन, धनबाद मंडल तथा चोपन रेल प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आभार जताया। 1988 से चला आ रहा था प्रबंधन का विवाद बताया गया कि वर्ष 1988 से रेलवे इंटर कॉलेज चोपन का संचालन गैर-रेल कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था। लंबे समय से चली आ रही इस व्यवस्था को समाप्त कर रेलवे प्रशासन के अधीन संचालित शिक्षण संस्थान में रेलवे कर्मचारियों की प्रबंधन भूमिका सुनिश्चित कराने को लेकर प्रयास किए जा रहे थे। इस दिशा में ईसीआरकेयू चोपन वन शाखा के सचिव उमेश कुमार सिंह ने लगातार आवाज उठाई और मामले को रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने तत्कालीन मंडल यातायात प्रबंधक चोपन अभिषेक विशाल को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक कमल किशोर सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की और एक कमेटी गठित कर आगे की प्रक्रिया की जिम्मेदारी उमेश कुमार सिंह को दी गई। हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच दूसरे पक्ष की ओर से मामला उच्च न्यायालय प्रयागराज में ले जाया गया। मामले में कई दौर की सुनवाई हुई। रेलवे प्रशासन की ओर से प्रस्तुत किए गए विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर उच्च न्यायालय ने मुकदमे को खारिज करते हुए रेलवे प्रशासन के पक्ष में निर्णय दिया। न्यायालय के निर्णय के बाद रेलवे प्रशासन के अधीन स्थापित इस शिक्षण संस्थान को सुचारु और निष्पक्ष ढंग से संचालित करने के लिए रेलवे कर्मचारियों की प्रबंधन समिति गठित किए जाने का रास्ता साफ हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों का रहा अहम योगदान इस पूरी प्रक्रिया में तत्कालीन मंडल यातायात प्रबंधक चोपन अभिषेक विशाल, तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक कमल किशोर सिन्हा, वर्तमान मंडल रेल प्रबंधक अखिलेश मिश्र, वर्तमान यातायात प्रबंधक चोपन रंजीत कुमार तथा सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र के निर्देश पर 09 अगस्त को कराए गए निर्वाचन में राजकीय इंटर कॉलेज दुद्धी के प्रधानाचार्य को पर्यवेक्षक बनाया गया था। वहीं सहायक यातायात प्रबंधक चोपन अभिषेक कुमार चुनाव अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। सर्वसम्मति से चुनी गई समिति निर्वाचन प्रक्रिया में सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का चयन सर्वसम्मति से किया गया। अध्यक्ष: रंजीत कुमार, मंडल यातायात प्रबंधक, चोपन उपाध्यक्ष: सूरज कुमार, कनीय अभियंता (विद्युत), चोपन प्रबंधक: उमेश कुमार सिंह, मुख्य टिकट निरीक्षक, चोपन उप प्रबंधक: कपिलदेव कुमार चन्द्रवंशी, टेक-3, चोपन कोषाध्यक्ष: राकेश कुमार चौरसिया, चोपन सदस्य: सूर्याजीत मौर्या, मुख्य लोको निरीक्षक; आरपी साह, लोको पायलट; मनीष कुमार, सेक्शन कंट्रोलर; महेन्द्र प्रसाद, कार्यालय अधीक्षक; ज्वाला प्रसाद, प्वाइंट्समैन; धीरेन्द्र नाथ महतो, वरीय अनुभाग अभियंता (समाडि) तथा अमरेंद्र कुमार, टीसीआई, चोपन यह रेलकर्मियों की बड़ी जीत प्रबंधन समिति के नवनिर्वाचित प्रबंधक उमेश कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे इंटर कॉलेज चोपन की प्रबंधन समिति का गठन चोपन के रेल कर्मचारियों की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस विषय को न्यायालय और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया गया और अंततः रेलवे कर्मचारियों के अधिकार की पुनर्स्थापना हुई। उन्होंने इस सफलता के लिए उच्च न्यायालय, रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन, धनबाद मंडल और चोपन रेल प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अब शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी वर्षों से चले आ रहे प्रबंधन विवाद के बाद अब रेलवे इंटर कॉलेज चोपन के सामने नई चुनौती शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत करने की है। नई समिति के गठन से जहां रेल कर्मचारियों में संतोष है, वहीं अभिभावकों और विद्यार्थियों की निगाहें अब विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन, संसाधनों और भविष्य की कार्ययोजना पर टिकी हैं। प्रबंधन विवाद के लंबे अध्याय का अंत हो चुका है। अब उम्मीद है कि नई समिति रेलवे इंटर कॉलेज चोपन को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में नई पहचान दिलाने का काम करेगी।

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Author: aajtak24x7

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