Skip to main content

Aaj Tak24x7

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ओरछा में मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक को किया संबोधित*

*केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ओरछा में मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक को किया संबोधित

 

*“2047 का विकसित भारत केवल लक्ष्य नहीं, 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प और परिश्रम का परिणाम होगा”: सिंधिया*

 

*“अगले 21 वर्ष भारत के इतिहास के सबसे निर्णायक Nation-Building Years होंगे”*

 

केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज ओरछा में आयोजित मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को देश की आगामी यात्रा का आधार बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक प्रगति का लक्ष्य नहीं, बल्कि ऐसा भारत बनाने का संकल्प है, जहां विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, किसान वैश्विक बाजार से जुड़े, युवा रोजगार देने वाले बनें, बेटियां नेतृत्व करें और भारत आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी एवं सामरिक रूप से सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व का नेतृत्व करे। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्धारित सप्तधारा- मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर को अगले दो दशकों के परिवर्तन का रोडमैप बताया।

 

*2014 से आज तक भारत ने बदली विकास की दिशा, अब अगले 21 वर्षों की ओर देखना होगा*

सिंधिया ने कहा कि 2014 से पहले के भारत और आज के भारत में सबसे बड़ा अंतर यह है कि आज देश विकास की प्रतीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य को स्वयं आकार दे रहा है। भारत आज 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मजबूत आधार तैयार हुआ है और अब प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि हमने क्या हासिल किया, बल्कि यह होना चाहिए कि इस आधार का उपयोग कर अगले 21 वर्षों में भारत को कहां लेकर जाना है।

 

*अन्नदाता से लेकर युवा और बेटियों तक, विकसित भारत में हर वर्ग की भूमिका*

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का किसान केवल सरकारी सहायता का लाभार्थी नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार होना चाहिए। हमारा अन्नदाता अपनी उपज को देश के बाजार से आगे दुनिया के बाजार तक पहुंचाने में सक्षम हो। इसी प्रकार युवा केवल Job Seeker नहीं, बल्कि Job Creator बने और हमारी बेटियां शिक्षा, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक और सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से समृद्ध, सामाजिक रूप से सशक्त, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सामरिक रूप से सक्षम भारत ही विकसित भारत की वास्तविक तस्वीर होगी।

 

*सप्तधारा बनेगी विकसित भारत के अगले दो दशकों के परिवर्तन का रोडमैप*

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले से प्रस्तुत “सप्तधारा” वास्तव में अगले दो दशकों में भारत के परिवर्तन का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल उपभोग की अर्थव्यवस्था नहीं हो सकता, बल्कि भारत को वैश्विक उत्पादन शक्ति और ‘Product Nation’ बनना होगा। 2014 में देश में केवल दो मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थीं, जबकि आज इनकी संख्या 300 से अधिक है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को केवल असेंबली तक सीमित न रहकर कंपोनेंट, डिजाइन, रिसर्च, सेमीकंडक्टर और पूरी वैल्यू चेन में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना होगा।

 

*डिजिटल क्रांति के बाद AI, सेमीकंडक्टर और 6G में वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत*

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि Digital India ने पिछले एक दशक में भारत की तकनीकी क्षमता को पूरी दुनिया के सामने स्थापित किया है। इंटरनेट सब्सक्राइबर 25 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़, ब्रॉडबैंड यूजर्स लगभग 6 करोड़ से बढ़कर 101 करोड़ और मोबाइल कनेक्शन 126 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि UPI ने डिजिटल भुगतान को जन-जन की आदत बनाया है और जिस देश में कभी 1 GB डेटा के लिए ₹269 तक खर्च होते थे, वहां आज वही डेटा लगभग ₹9 प्रति GB तक उपलब्ध है। अब भारत को AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी और 6G जैसी उभरती तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना है।

 

*रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य*

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक क्षमता को लेकर अपने दृष्टिकोण में बड़ा परिवर्तन किया है। उरी, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अवसरों ने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ चुप नहीं बैठता, बल्कि निर्णायक जवाब देता है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर ड्रोन, एयरोस्पेस, साइबर सिक्योरिटी, एडवांस्ड वेपन्स और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना होगा।

 

*ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी बनेगी विकास तथा पर्यावरण के बीच संतुलन का आधार*

सिंधिया ने कहा कि विकसित भारत की विकास यात्रा ऐसी होनी चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के अवसरों को सीमित किए बिना वर्तमान की आकांक्षाओं को पूरा करे। Renewable Energy, Green Hydrogen, Electric Mobility और Green Manufacturing को नई औद्योगिक संभावनाओं के रूप में विकसित करना होगा। वहीं भारत की लंबी समुद्री सीमा, बंदरगाहों, समुद्री संसाधनों और Ocean Technology के माध्यम से Blue Economy को भी आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा सकता है।

 

*2047 का भारत होगा युवा शक्ति, आधुनिक शहरों और सशक्त गांवों का भारत*

सिंधिया ने कहा कि 2047 का भारत ऐसा होगा जहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी दुनिया की सबसे उत्पादक कार्यशक्ति में बदल चुकी होगी। भारत के शहर World-Class Infrastructure और बेहतर Quality of Life के साथ विकसित होंगे तथा गांव भी समान रूप से Connected, Digitally Enabled और Economically Vibrant होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक और कनेक्टिविटी के माध्यम से अवसरों को कुछ महानगरों तक सीमित रखने के बजाय देश के हर हिस्से तक पहुंचाना होगा।

aajtak24x7
Author: aajtak24x7

यह भी पढ़ें

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती अनूपपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने योग्य बनाने का संदेश दिया। साथ ही आसपास के असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें अक्षर साथियों के माध्यम से साक्षर बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रधान के निर्देशन में साक्षरता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अजय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है। सविता प्रजापति, विद्या राठौड़ एवं विकासखंड जैतहरी के बीएससी गंगा दिन राठौर ने भी साक्षरता अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रधान ने सभी अतिथियों, नागरिकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। रिपोर्टर दिनेश केवट अनुपपुर

टॉप स्टोरीज

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती अनूपपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने योग्य बनाने का संदेश दिया। साथ ही आसपास के असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें अक्षर साथियों के माध्यम से साक्षर बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रधान के निर्देशन में साक्षरता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। अजय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है। सविता प्रजापति, विद्या राठौड़ एवं विकासखंड जैतहरी के बीएससी गंगा दिन राठौर ने भी साक्षरता अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रधान ने सभी अतिथियों, नागरिकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। रिपोर्टर दिनेश केवट अनुपपुर

मौसम का हाल

मौसम डेटा स्रोत: https://weatherlabs.in