*ग्वालियर-मुरैना के लिए जीवन रेखा साबित होगी चंबल-कोतवाल जल परियोजना: सिंधिया
– ₹458 करोड़ चंबल-कोतवाल परियोजना का सिंधिया ने किया निरीक्षण
– परियोजना से ग्वालियर के हर घर तक पहुंचेगा चंबल का पानी
– मुरैना, ग्वालियर सहित पूरे चंबल संभाग क्षेत्र का विकास और प्रगति मेरी प्राथमिकता: सिंधिया
– 2055 तक प्यास बुझेगी यह परियोजना
ग्वालियर/मुरैना। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सह गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर प्रवास के पहले दिन चंबल–कोतवाल जल परियोजना के अंतर्गत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज तथा बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और ग्वालियर-मुरैना की भविष्य की जलापूर्ति को मजबूत करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि ग्वालियर-मुरैना के लिए यह जीवन रेखा साबित होगी।
*हर घर पहुंचे चंबल का पानी*
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल–कोतवाल जल परियोजना ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना है। चंबल का पानी नदी से निकलकर ग्वालियर-मुरैना के हर घर के नल तक पहुंचे, इसी सोच के साथ डबल इंजन की सरकार इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में शहरों की बढ़ती आबादी और जल की आवश्यकता को देखते हुए आज से ही मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। हमारा प्रयास है कि ग्वालियर-चंबल संभाग की जल आवश्यकताओं को लंबे समय के लिए सुरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट का सामना न करना पड़े।
*150 एमएलडी पानी ग्वालियर पहुंचेगा* केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि लगभग ₹458 करोड़ की लागत से चंबल–कोतवाल जल परियोजना को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से लगभग 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से ग्वालियर लाया जाएगा और आगे इसे मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
*पाइपलाइन का किया निरीक्षण*
मंत्री सिंधिया ने बताया कि चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने मौके पर पाइपलाइन के कार्य का स्वयं निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी ली। सिंधिया ने कहा कि परियोजना में बड़े व्यास की पाइपलाइन के माध्यम से पानी को लंबी दूरी तक पहुंचाया जाएगा। जिन स्थानों पर क्वारी, सांक और आसन जैसी नदियां मार्ग में आ रही हैं, वहां पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
*शहर की जलापूर्ति होगी पूरी*
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्वालियर-मुरैना की आने वाली दशकों की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक पहुंचने के बाद जलशोधन संयंत्र के माध्यम से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा। इससे ग्वालियर के नागरिकों को अधिक भरोसेमंद जलापूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बेहतर पानी, सिंचाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़े स्तर की परियोजनाओं के माध्यम से इन आवश्यकताओं को पूरा करने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक लाने की योजना, सिंचाई परियोजनाएं और क्षेत्र में बन रहे नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर इस बात का संकेत हैं कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
*किसानों को भी मिलेगा लाभ*
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र के विकास में घरेलू जलापूर्ति के साथ किसानों के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के तहत चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि माधवराव सिंधिया सिंचाई योजना सहित क्षेत्र में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पानी घरों तक पहुंचे और खेतों तक भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा पहुंचे, यही क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरा ग्वालियर-चंबल संभाग उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और यहां के नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।
*क्षेत्र का विकास मेरी प्राथमिकता*
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उन्होंने अपने प्रदेश और देश के लिए 25 वर्ष समर्पित किए हैं और आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करते रहेंगे। गुना के सांसद के रूप में गुना मेरी प्राथमिकता है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया भी प्राथमिकता है क्योंकि इस जगह से गहरा पारिवारिक एवं भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के नागरिकों के विश्वास और स्नेह से उन्हें निरंतर काम करने की ऊर्जा मिलती है और वे क्षेत्र के विकास के लिए दिन-रात पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-मुरैना की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में चंबल–कोतवाल जल परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी होने के बाद आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से राहत मिलेगी और क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इस मौके पर प्रदेश जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट,
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय प्रतिनिधि व आला विभागीय अधिकारी गण मौजूद थे।