तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर एवं नर्मदा किनारे खेड़ी घाट पर श्रद्धालुओं का उम्रडा सैलाब मां नर्मदा गंगा का पूजन कर किया दीपदान संपन्न हुई समर सत्ता महा आरती

मुकेश शुक्ला आज तक 24 इन 7
ओंकारेश्वर खेड़ी घाट क्षेत्र में
गंगा दशहरा पर्व पर सैकड़ो श्रद्धालु धार्मिक आस्था विश्वास एवं पुण्य स्नान का लाभ लेने मां नर्मदा की गोद में पहुंचकर डुबकी लगाकर रखना जीवन धन्य किया तो वही अनेक श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार हलवे प्रसादी का भोग मां नर्मदा को आस्था पूर्वक लगाते हुए दिखाई पड़े ऐसी मान्यता है कि जैस्ठ महीने की दशमी तिथि को
मां गंगा माता नर्मदा से मिलने को आती है।
युगो युगो से यही परंपराओं के अनुसार यह सिलसिला चलता हुआ आ रहा है श्रद्धालु इसे गंगा दशहरा के नाम से मानते हुए आ रहे हैं। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर लाखों श्रद्धालु मां नर्मदा के तटों पर स्नान पूजन अर्चन ध्यान करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु भक्तों का मानना है कि मां नर्मदा का पूजन के साथ ही मां गंगा का भी पूजन का सौभाग् प्राप्त होता है। पंडित मुकेश शुक्ला ने बताया कि गंगा दशहरे के दिन मां नर्मदा का जल स्टार मैं अचानक ही बढ़ोतरी हो जाती है एवं मां नर्मदा का जल भी मां गंगा के जल के समान हो जाता है यही अद्भुत चमत्कार देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मां नर्मदा एवं माता गंगा का पूजन करते हैं जिससे नर्मदा गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होता है मान्यता अनुसार श्रद्धालु प्रतिवर्ष गंगा दशहरे पर अपनी श्रद्धा अनुसार हलवे का प्रसाद वितरण भी करते हैं।
मां नर्मदा के दक्षिणी तट पर गोपाल मिडवे होटल के संस्थापक श्री ईश्वर चंद्र अग्रवाल के सुपुत्र श्री बसंत जी अग्रवाल द्वारा लगातार प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी 11 क्विंटल हलवे महाप्रसाद का वितरण किया गया। बता दे की
खेड़ी घाट नर्मदा किनारे शाम को हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के दोनों तटों पर दीपदान किया। हर हर गंगे हर हर नर्मदे के जयकारों के साथ मां नर्मदा की भव्य आरती एवं विशाल भजन संध्या का आयोजन वाल्मिक धाम आश्रम के संस्थापक श्री लाखन सिंह तवर लक्खा भैया के तत्वाधान में संपन्न हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री बसंत अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अग्रवाल रही जिनका नर्मदा किनारे शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान भी किया गया इस अवसर पर भीकनगांव क्षेत्र के दादा रामपाल सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन पंडित मुकेश शुक्ला पूजन विधि पीयूष पाठक कान्हा जोशी ने.की तो वही देवेंद्र केवट एवं विष्णु केवट ने शानदार संगीत की प्रस्तुति दी

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Author: aajtak24x7

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