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विषय : लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र प्राचीन एतिहासिक श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर कर बाबा के भक्तों की आकांक्षा के अनुरूप मंदिर संचालन हेतु सुझाव एवं कुछ आग्रह…।
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आदरणीय रिसीवर महोदय, सादर वंदन। ग्वालियर के सबसे प्राचीन श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के हम सभी भक्तगण एवं मंदिर न्यास के सदस्य आज आपका ध्यान मंदिर परिसर में व्याप्त कतिपय अव्यवस्थाओं, भक्तों की आकांक्षाओं, मांगों एवं शहर की आबादी बढ़ने के साथ ही मंदिर पर उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने बाबत निम्न बिंदुओं पर बड़ी आशा एवं विश्वास के साथ आकृष्ट करा रहे हैं। आपसे आग्रह है कि मंदिर प्रबंधन के सर्वाधिक वरिष्ठ उत्तरदायी पदाधिकारी होने के नाते आप निम्नांकित सभी बिंदुओं पर तत्काल कदम उठाकर भक्तों को राहत प्रदान करें एवं मंदिर परिसर के माहौल को व्यवधानरहित बनाएं…
*1. दीपभवन बनाया जाए* : मंदिर परिसर में अभी तक दीपभवन नहीं बनाया गया है। दीपभवन बनने के पहले ही भक्तों को मंदिर परिसर में पूजा के दीपक जलाने से रोक दिया गया है। विधिविधान से पूजन के लिए दीपभवन शीघ्र बनवाएं।
2. बंद कर दीं पुरानी सभी परंपराएं व रीति रिवाज अविलंब पुनः प्रारंभ किए जाएं :: तत्कालीन मंदिर प्रशासन द्वारा प्रतिदिन गायों को रोटी, कुत्तों को भोजन, पक्षियों के लिए दाना-पानी, गायों की प्यास बुझाने के लिए पानी की टँकी व जरूरतमंदों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं भेंट करने के साथ ही अखतीज जैसे अवसरों पर प्रतिवर्ष सामूहिक विवाह सम्मेलनों के आयोजन जैसी सर्वहितकारी परम्पराएं प्रारंभ की गई थीं। यह परंपराएं विगत कई वर्षों से बंद हैं।जबकि भक्तगण इन परंपराओं को कायम रखने के लिए भरपूर दानराशि एवं चढ़ावा देते हैं। बंद कर दीं पुरानी सभी परंपराएं एवं सेवाभावी गतिविधियों को पुनः प्रारंभ किया जाए।
3. दैनिक भंडारे की भोजन सामग्री का स्तर सुधारा जाए :: मंदिर में बेसहारा प्रभुजियों एवं भिक्षुकों के लिए प्रतिदिन चल रहे भंडारे का स्तर गिरता जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि सैकड़ों निराश्रितों के भोजन की एकमात्र उम्मीद बने इस भंडारे के नाम पर र अब सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। भंडारे को सिर्फ दो रोटी, थोड़ी सी दाल और चुटकी भर चावल तक ही सीमित न रखा जाए बल्कि श्री अचलेश्वर मंदिर की परंपरा के अनुरूप भिक्षुकों व निराश्रितों को भरपेट एवं ठीकठाक भोजन प्रसादी ही दी जाए।
4. भक्तों की सुरक्षा के लिए तत्काल उठाए जाएं ये कदम :: आसमानी बिजली से सुरक्षा के लिए भवन पर तड़ित चालक लगाने की जरूरत है। बरसाती पानी की सुरक्षित निकासी एवं भूजल स्तर बढ़ाने के लिए यहां वॉटर हार्वेस्टिंग कराया जाए। परिसर में पानी की सदैव उपलब्धता बनी रहे, इसलिए वाटर टैंक बनाया जाए, इसके लिए यहां काफी जगह है। आग से जुड़े हादसे रोकने के लिए मंदिर परिसर में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र लगाए जाएं। परिसर के चारों ओर मौजूदा अस्थायी बेरिकेडिंग के बजाए पत्थर की नक्काशीदार बाउंड्री निर्मित की जानी चाहिए।
5. मंदिर न्यास के पुराने सदस्यों के सुझाव पत्रों पर तत्काल क्रियान्वयन हो : मंदिर न्यास के पुराने वरिष्ठ सदस्य समय समय पर जो सुझाव ज्ञापन पत्र के रूप में देते रहे हैं, उन सभी सुझाव पत्रों को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्यवाही की जाए। वरिष्ठ न्यास सदस्यों ने मंदिर न्यास के कामकाज को सुविधाजनक एवं यहां आने वाले भक्तों की समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से ही उपयोगी सुझाव दिए थे, जिन पर जनहित में अमल हो।
6. मंदिर के बाहर सड़क पर वाहनों से भक्तों की सुरक्षा के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाएं:: महोदय, अचलेश्वर मंदिर के समीप से गुजरने वाली सड़क ग्वालियर महानगर के लश्कर एवं मुरार उपनगरों को जोड़ती है, जिस पर काफी व्यस्त यातायात रहता है, तेज गति से चलने वाले वाहनों की चपेट में आकर कई श्रद्धालु काल कवलित अथवा चोटिल हो चुके हैं, अत: भक्तों की सुरक्षा के लिए इस व्यस्त सड़क पर न्यास की ओर से प्रयास कर नगर निगम के माध्यम से स्पीड ब्रेकर बनवाएं।
7. मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटवाए जाएं: मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में दुकानदारों, ठेले एवं रेड़ीवालों ने अवैध कब्जे कर अपने ठिए बना लिए हैं जिससे सड़क संकरी हो गई है और पूजन करने आने वाले भक्तों को असुविधा होती है, कृपया इन अवैध कब्जों को हटाया जाए।
8. सावन मास की तैयारियों के लिए शीघ्र बैठक बुलाई जाए:: श्रावण मास शुरू होने को है। श्रावण के प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों की भीड़ पूजा पाठ, अभिषेक के लिए उमड़ती है, अभी से तैयारियों की आवश्यकता है, अत: तैयारी बैठक बुलाकर व्यवस्थाओं को अंतिम स्वरूप दिया जाए।
9. मंदिर निर्माण का काम अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए:: श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण का अभी एक महत्वपूर्ण चरण आपके दिशा निर्देशन में पूर्ण हुआ है। बाकी रहा काम भी शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि भक्तों को असुविधा न हो।
10. न्यास की चुनाव प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करें :: श्री अचलेश्वर मंदिर न्यास के लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं जबकि यह सार्वजनिक निकाय है। बाबा के भक्तों को अपने मनमुताबिक नवीन नेतृत्व चुनने का न्यास के संविधान के अनुरूप न्यायोचित अधिकार है। हम चाहते हैं कि यहां चुनाव प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर बाबा के भक्तों की इच्छानुसार अपना नया नेतृत्व चुनने का अवसर दिया जाए ताकि मंदिर प्रबंधन में लोकतांत्रिक परंपराओं का समावेश हो सके।
11. अचानक से बढ़ा दी गई भोग एवं पूजा पाठ की सहयोग राशि को संतुलित किया जाए ::भोग एवं पूजा पाठ में भक्तों से ली जाने वाली सहयोग राशि की दरें एकदम से बढ़ा दी हैं। इन बढ़ी हुई दरों को कम या संतुलित किया जाए ताकि कमजोर आर्थिक स्थिति वाले भक्त भी मंदिर संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोगी बन सकें।
कृपया तीन माह की समयावधि में उक्त सभी बिंदुओं पर कार्य पूर्ण कर लिया जाए …
हम सभी भक्तगणों का विनम्र आग्रह है कि इससे पहले कि बाबा के भक्तों के धैर्य का बांध टूटे, उक्त सभी अपेक्षित बिंदुओं पर अधिक से अधिक तीन अथवा चार माह में कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि धरना अथवा विरोध प्रदर्शन की स्थिति न बने। बाबा के भक्तगण आदरणीय रिसीवर महोदय के अत्यन्त आभारी रहेंगे। जय अचलनाथ।
सादर धन्यवाद।
निवेदक महेन्द्र भदकारिया, पूर्व सूचना सचिव सहित सभी वरिष्ठ सदस्यगण
श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर न्यास, ग्वालियर
दिनांक :: 05 जुलाई, 2025
प्रति,
1/ श्रीमंत महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया जी, केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली।
2/ श्रीमान संभागायुक्त महोदय, ग्वालियर संभागीय मुख्यालय
3/ माननीया कलेक्टर महोदया, ग्वालियर
4/ श्रीमान नगर निगम आयुक्त महोदय
5/ श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, ग्वालियर



