आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ
मिशन ज्योतिर्गमय द्वितीय चरण में चयनित 70 विद्यालयों को आधारभूत सुविधाओं से करें परिपूर्ण।
छात्र-छात्राओं को बिना किसी भेदभाव के बेहतर शिक्षा प्रदान कर उनकी प्रतिभा को निखारने का करें कार्य।
औरैया 25 जुलाई 2025- जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में मिशन ज्योतिर्गमय योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों की भौतिक व शैक्षिक परिवेश को सुधारने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान मिशन ज्योतिर्गमय अभियान के अंतर्गत द्वितीय चरण में लिए गए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व ग्राम प्रधानों से विद्यालय में कराये गए कार्यों की जानकारी जिलाधिकारी द्वारा ली गयी। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम कायकल्प के 19 पैरामीटर पूरे करने उसके बाद कायकल्प प्लस के अंतर्गत सीसीटीवी, एमडीएम सेड, स्मार्ट क्लास आदि पैरामीटर पूरे करने के निर्देश दिये। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पूछा कि इस अभियान के तहत विद्यालयों में किस प्रकार के बदलाव आए हैं और इसे और प्रभावी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए टीमवर्क और नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर बल दिया।
निपुण भारत अभियान के तहत छात्रों की शैक्षणिक दक्षताओं को बढ़ाने के प्रयासों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षकों को अभियान के उद्देश्यों से भली-भांति अवगत कराया जाए, ताकि प्रत्येक छात्र को आधारभूत कौशलों में निपुण बनाया जा सके। बैठक के दौरान कायाकल्प योजना की भी विस्तार पूर्वक समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में कायाकल्प के सभी पैरामीटर जल्द पूरे करने को संबंधितों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी हो। उन्होंने पाया कि कुछ विद्यालयों में अब भी बाउंड्री निर्माण अधूरा है, जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की उपलब्धता की भी जानकारी ली और मांग पत्र के अनुसार सचिव व खंड विकास अधिकारियों को शीघ्र फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में शौचालय, फर्श, बाउंड्री, फर्नीचर, पंखा जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने डीटीएफ व बीटीएफ सदस्यों द्वारा किये जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा की और कहा कि विद्यालयों में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित माहौल बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण जरूरी है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजना और छात्रों को पाठ्यपुस्तकों के वितरण की प्रगति का भी आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि सभी छात्रों को समय पर डीबीटी और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वितरण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अभियानों और योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती रहेगी और प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे प्राथमिक शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मिलकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी विद्यालयों में हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, डाइट प्राचार्य जी एस राजपूत, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव, समस्त खंड विकास अधिकारी सहित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, अध्यापक/अध्यापिकाएं, जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे।



