पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी माटी, अपने गणेश बनाने का लिया संकल्प
देवास, 21 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आह्वान पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ‘’माटी गणेश-सिद्ध गणेश’’ अभियान की प्रदेश व्यापक पहल की प्रारंभ की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति सजगता और चेतना को विस्तार देना है। जिससे जन भागीदारी के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के साथ माटीकला को संरक्षण मिल सके। ‘’माटी गणेश-सिद्ध गणेश’’ अभियान के तहत विकासखंड देवास में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला समन्वयक सचिन शिम्पी ने बताया कि जन अभियान परिषद द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों में यह कार्यशाला आयोजित की जायेगी। कार्यशाला के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं की माटी और स्वयं के शुद्ध जल का प्रयोग करते हुए पवित्र माटी के गणेश का निर्माण कर सकें और आने वाली गणेश चतुर्थी में अपने घरों में बुद्धि और सिद्ध दाता गणेश की प्रतिमा की स्थापना कर सके। अभियान के माध्यम से जन-जन में पर्यावरण की सुरक्षा, माटी के गणेश बनाने हेतु गांववासियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तहत इस बात के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे कि वे अपने हाथ से बनाई हुई माटी के गणेश का विसर्जन भी अपने घर के ही आसपास जल स्रोत पर करें। प्लास्टर ऑफ पेरिस अथवा अन्य प्लास्टिक से बने हुए गणेश प्रतिमाओं का उपयोग न करें जिसमें केमिकल रंगों का प्रयोग किया गया है। क्योंकि विसर्जन के उपरांत यही केमिकल और प्लास्टिक हमारे जल स्रोतों को प्रदूषित करता है। परिणाम स्वरुप जल में रहने वाले जीव जंतुओं को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ता है और उसे जल स्रोत का उपयोग करने वाले प्राणी भी इस जल प्रदूषण का शिकार होते हैं। ब्लॉक समन्वयक श्रीमती नीलम सोनी द्वारा उपस्थित सदस्यों को प्रकृति को साफ एवं स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में प्रो रशिम ठाकुर, डॉ विद्या माहेश्वरी, प्रोफेसर राजेश कटिया, जितेंद्र राजपूत, आदित्य दुबे, रिचा दुबे, आद्या दुबे, मानसी, साक्षी, हर्षिका, श्वेता, मयंक, सामाजिक संस्था, नगर समिति, कार्यकर्ता, नवांकुर सखियां, प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी छात्र- छात्राएं उपस्थित थे अभियान के तहत मध्य प्रदेश के 313 विकासखंडों में जन अभियान परिषद के द्वारा कार्यशाला आयोजित की जा रही है। आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षकों के माध्यम से मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित कर माटी से स्वनिर्मित गणेश प्रतिमा की स्थापना का संकल्प जन जन तक पहुंचाया जाएगा जिससे परंपरागत कला के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण अभियान की गति मिल सके।



