आज तक 24×7 भोपाल से मनीष शर्मा की रिपोर्ट1
5 दिन की बच्ची का वजन लगातार घटने के बावजूद झाड़ फूंक पर अड़े थे परिजन*
*आशा कार्यकर्ता ने गंभीरता को समझा, अस्पताल पहुंचा कर करवाया उपचार*
बैरसिया के ग्राम आकिया में 17 दिसंबर को जन्मी बच्ची के लगातार कम होते वजन को देखते हुए आशा कार्यकर्ता ने बच्ची को समय पर अस्पताल पहुंचा कर इलाज करवाया गया । इलाज के बाद वजन और स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। जन्म के समय बच्ची का वजन 2.5 किलो ग्राम था । जो कि अगले 10 दिनों में कम होकर 1.7 किलोग्राम रह गया था। बच्चे की इस स्थिति के बावजूद परिजन झाड़ फूंक से इलाज करवाने पर अड़े थे।
गृह आधारित शिशु स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के तहत गांव की आशा कार्यकर्ता सुमन लोवंशी द्वारा घर जाकर मां और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही थी। गृह भेंट के दौरान आशा कार्यकर्ता ने जन्म के सातवें दिन बच्चे का वजन 2.10 किलोग्राम पाया गया। इस पर आशा कार्यकर्ता द्वारा मां को स्तनपान परामर्श दिया गया। तीन दिन बाद आशा कार्यकर्ता फिर से हितग्राही के घर पहुंची तो उसका वजन निरंतर गिरता हुआ पाया गया और इस बार वजन 1.7 किलोग्राम था। जिसको आशा कार्यकर्ता ने गंभीरता से लिया और हितग्राही को अस्पताल चलने के लिए कहा। लगातार कम होते वजन के बावजूद परिवारजन झाड़ फूंक से इलाज करवाने की बात करते रहे।
आशा कार्यकर्ता इस बात को समझ चुकी थी कि बच्चे का लगातार वजन कम होना किसी गंभीर स्थिति का कारण भी हो सकता है उसने तुरंत आशा सुपरवाइजर को इसकी सूचना दी। जब दोनों के प्रयास करने के बावजूद परिवारजन अस्पताल जाने के लिए राजी नहीं हुई तब सीएमएचओ कार्यालय के निर्देश पर ब्लॉक स्तरीय टीम एक्टिव हुई और 26 दिसम्बर को बच्ची को 108 एंबुलेंस से कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां पर चिकित्सकों द्वारा बच्ची के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है । बच्ची के वजन और स्वास्थ्य की स्थिति में निरंतर सुधार भी हो रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और स्वास्थ्य व पोषण में सुधार के लिए गृह आधारित शिशु देखभाल कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जन्म के बाद नियमित अंतराल पर बच्चों के घर जाकर स्वास्थ्य की स्थितियों का आकलन और प्रबंधन किया जाता है। ।


