राईस मिल एसोसिएशन के बागी तेवर, मांगे नहीं मानी तो मिलर्स नहीं करेंगे मिलिंग कार्य

लोकेशन बालाघाट

 

राईस मिल एसोसिएशन के बागी तेवर, मांगे नहीं मानी तो मिलर्स नहीं करेंगे मिलिंग कार्

 

एंकर – इन दिनों बालाघाट जिले में धान खरीदी का काम प्रगति पर है । कुछ दिनों बाद सरकार द्वारा खरीदी गई धान राईस मिलर्स को मिलिंग के लिए देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी । किंतु उससे पहले राईस मिलर्स ने बागी तेवर दिखाते हुए अपनी समस्याओं से संबंधित सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए मांगे पूरी ना होने पर धान मिलिंग नहीं करने की चेतावनी प्रशासन को दी है ।

 

वॉयसोवर – इस बारे में राईस मिल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आनंद ठाकरे ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 में उपार्जित होने वाली धान की मिलिंग नीति जारी की है । उक्त नीति के अंतर्गत राईस मिलर्स को धान की मिलिंग करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ।

मांग पत्र में उल्लेखित है कि उपार्जन वर्ष 2024-25 में की गई मिलिंग पर दी जाने वाली अपग्रेडेशन राशि दिए जाने के आदेश जारी हो, उपार्जन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में की गई मिलिंग के अंतर्गत् मिलर्स को धान चॉवल लॉडिग अनलोडिंग का भुगतान किए जाने संबंधी आदेश जारी हों, उपार्जन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में उपार्जन हेतु समितियों में राईस मिलर्स द्वारा जमा की गई बोरियों पर राज्यांश की उपयोगिता व्यय राशि का भुगतान किए जाने संबंधी आदेश जारी हों, शासन द्वारा उपार्जन वर्ष 2025-26 की मिलिंग की अपग्रेडेशन राशि दिए जाने संबंधी संबंधी कंण्डिका जोड़ी जाए। राईस मिल में भौतिक सत्यापन नीति को सरल बनाया जाए, FRK के भुगतान मिलर्स की प्राप्त रसीद के आधार पर सीधा विभाग द्वारा करवाया जाना सुनिश्चित किया जावें और मध्यप्रदेश के विपणन संघ के उपार्जन वालें जिलों में भुगतान पोर्टल पर अनुबंध में निर्धारित से अधिक पेनाल्टी अधिरोपित ना की जाए। यदि उपरोक्त मांगे नहीं मानी जाती है तो बालाघाट जिले के राइस मिलर्स मिलिंग नहीं करेंगे ।

 

बाइट – आनंद ठाकरे जिला अध्यक्ष राईस मिल एसोसिएशन

 

अशोक मोटवानी

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Author: aajtak24x7

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