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भागवत कथा पंडाल में भक्ति और जीवन के महत्व पर डाला गया प्रकाश* 

*भागवत कथा पंडाल में भक्ति और जीवन के महत्व पर डाला गया प्रकाश*

 

*श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन*

 

औरैया ब्यूरो राम. चंद्रा

 

औरैया। शहर के दिबियापुर रोड स्थित एल जी गार्डन में मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन धुंधकारी कथा का वर्णन किया गया। प्रसिद्ध कथा वाचक अंकुश जी महाराज ने कथा के माध्यम से धुंधकारी जैसे दिव्य प्रसंगों का वर्णन करते हुए जीवन में धर्म, भक्ति और सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति ही मनुष्य को मोक्ष का मार्ग दिखाती है। श्री मद्भागवत कथा आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए होता है, जहाँ धुंधकारी जैसे जीव की दुर्दशा को दिखाकर वैराग्य और भक्ति के मार्ग का महत्व समझाया गया है, ताकि श्रोता सांसारिक मोह से दूर होकर परमार्थ की ओर उन्मुख हों और अपने जीवन को सार्थक बना सकें, जैसा कि आत्म देव और उनकी पत्नी धुंधली की कहानी से जुड़ा है। श्री महाराज ने कहा कि एक ब्राह्मण आत्मदेव और उसकी दुष्ट पत्नी धुंधली की कहानी आती है, जिन्हें संतान न होने का दुख था, और बाद में उनके पुत्र धुंधकारी के जीवन की दुर्दशा का वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तजन भाव विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। भागवत पंडाल परिसर में सुंदर सजावट और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। कथा के अंत में भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया श्री महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य समाज में प्रेम, करुणा और भक्ति की भावना को जागृत करना इस दौरान परीक्षित बृजेश द्विवेदी, संरक्षक राम प्रकाश द्विवेदी, रजनीश द्विवेदी, शाहिद सैकड़ो श्रोताजन मौजूद रहे।

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Author: aajtak24x7

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