आदित्य कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रभक्ति व गरिमा के साथ मनाया गया 77वाँ गणतंत्र दिव
जबलपुर।
आदित्य कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गोपाल बाग, जबलपुर में 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, अनुशासन एवं गरिमामय वातावरण में भव्य रूप से मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को तिरंगे, राष्ट्रध्वजों एवं देशभक्ति संदेशों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे समारोह की भव्यता देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में अभिभावकों की सहभागिता रही।
समारोह में विद्यालय के संस्थापक अधिवक्ता श्री अमित बाजपेई, श्रीमती दिव्या बाजपेई, सुश्री दिव्यता बाजपेई, श्री वेदांत चौबे एवं श्री बिभूम बाजपेई विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण उपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिसके दौरान उपस्थित सभी जनसमूह ने अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, प्रेरणादायक भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश प्रभावी रूप से दिया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान ही देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जो नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विरासत, संविधानिक मूल्यों एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने हेतु ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ देश की एकता, अखंडता एवं समृद्ध भविष्य की कामना के साथ किया गया। इस भव्य आयोजन ने विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रप्रेम, गर्व एवं जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।


