केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुंटूर जीडीएस सम्मेलन में इंडिया पोस्ट के विकास हेतु पार्सल-आधारित रोडमैप प्रस्तुत किया*

*केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुंटूर जीडीएस सम्मेलन में इंडिया पोस्ट के विकास हेतु पार्सल-आधारित रोडमैप प्रस्तुत किया

अतुल मल्होत्रा आज तक 24×7 ब्यूरो

*केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत माता के चमकते रत्न और इंडिया पोस्ट परिवर्तन यात्रा की अग्रिम पंक्ति हैं हमारे ‘ग्रामीण डाक सेवक’*

 

*आंध्र प्रदेश बनेगा इंडिया पोस्ट की पार्सल क्रांति का नेतृत्वकर्ता: ज्योतिरादित्य सिंधिया*

 

*विश्वास से परिवर्तन तक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Reform, Perform, Transform’ मंत्र के अनुरूप इंडिया पोस्ट का तीव्र आधुनिकीकरण अभियान*

 

*गुंटूर/विजयवाड़ा(आंध्र प्रदेश)।* केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुंटूर में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों की विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश सर्किल को इंडिया पोस्ट की परिवर्तन यात्रा की अग्रिम शक्ति बताया। मंच पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की गरिमामयी उपस्थिति का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर को भावनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि नायडू जी और सिंधिया परिवार का संबंध दशकों पुराना है। सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ कार्य किया और बाद में उनके पिता माधवराव सिंधिया के साथ भी निकट सहयोग रहा। यह संबंध पारस्परिक सम्मान और जनसेवा की भावना पर आधारित रहा है।

 

केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के एक छोटे से नगर ‘सिंधिया’ का उल्लेख किया, जिसका नाम सिंधिया परिवार की विरासत से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लगभग एक शताब्दी पूर्व उनके परदादा ने आंध्र तट पर स्वतंत्रता-पूर्व भारत के प्रारंभिक शिपिंग एवं शिपबिल्डिंग उद्यमों में से एक की स्थापना की थी, जिसके परिणामस्वरूप विशाखापट्टनम के निकट इस बस्ती का विकास हुआ। उन्होंने कहा, ‘इस धरती से मेरा संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक, ऐतिहासिक और अत्यंत व्यक्तिगत है।’

 

*यदि किसी को गांव की नब्ज का ज्ञान है, तो वह मेरा ग्रामीण डाक सेवक है: सिंधिया*

 

सिंधिया ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि यदि कोई गांव की नब्ज, वहां के परिवारों, संघर्षों और आकांक्षाओं को जानता है, तो वह मेरा ग्रामीण डाक सेवक है। उन्होंने ग्रामीण डाक सेवकों को भारत माता के चमकते रत्न बताते हुए कहा कि वे जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की बर्फीली चोटियों से लेकर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों तक, गर्मी, वर्षा, हिमपात और चक्रवात की परवाह किए बिना सेवा में जुटे रहते हैं। जैसे हृदय शरीर की अंतिम नस तक रक्त पहुंचाता है, वैसे ही ग्रामीण डाक सेवक कश्मीर से कन्याकुमारी और भरूच से अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं तक सेवा और संचार की जीवनधारा पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में संबंध धन से नहीं, बल्कि विश्वास और आत्मीयता से बनते हैं। ग्रामीण भारत में ग्रामीण डाक सेवक परिवार के बाहर सामाजिक जुड़ाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। देश के 6.5 लाख से अधिक गांवों में जीडीएस शासन और जनसेवा के सबसे विश्वसनीय प्रतिनिधि हैं।

 

 

*राष्ट्र की वित्तीय शक्ति के रूप में इंडिया पोस्ट : सिंधिया*

 

इंडिया पोस्ट की वित्तीय समावेशन भूमिका पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में 38 करोड़ से अधिक डाकघर बचत बैंक खाते संचालित हैं, जिनमें लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की राशि संचित है। उन्होंने कहा कि यह विशाल वित्तीय आधार नागरिकों द्वारा इंडिया पोस्ट और उसके जमीनी कार्यबल पर व्यक्त विश्वास का प्रतीक है।

 

*पार्सल-आधारित परिवर्तन और प्रतिस्पर्धात्मक संकल्प*

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह राज्य इंडिया पोस्ट की पार्सल क्रांति का नेतृत्व करने को तैयार है। प्रधानमंत्री के ‘Reform, Perform, Transform’ के आह्वान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट का आधुनिकीकरण और पार्सल-आधारित विकास प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत गति, आत्मविश्वास और स्पष्ट संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इंडिया पोस्ट को भी उसी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि कृषि निर्यात, एमएसएमई और ई-कॉमर्स के विस्तार के साथ विश्वसनीय अंतिम मील लॉजिस्टिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। आगे सिंधिया ने कहा कि देशभर में 1.65 लाख से अधिक डाकघरों के अपने अद्वितीय नेटवर्क के साथ इंडिया पोस्ट और भी मजबूत और अधिक प्रतिस्पर्धी बनकर उभरेगी।

केंद्रीय मंत्री ने इंडिया पोस्ट को एक पारंपरिक सेवा संस्थान से बदलकर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्क में बदलने के अपने दृष्टिकोण को दोहराया, जो आधुनिक, प्रौद्योगिकी-सक्षम, ग्राहक-केंद्रित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होगा।

 

*परिवर्तन का एबीसीडी सूत्र*

सुधार के रोडमैप को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने एक सरल किन्तु प्रभावशाली सूत्र प्रस्तुत किया-

 

A – Accuracy (सटीकता): प्रत्येक लेन-देन, प्रत्येक वितरण और प्रत्येक ओटीपी, पूर्णतः सटीक और समयबद्ध होनी चाहिए।

 

B – Behaviour (व्यवहार): जीडीएस भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं; उनकी बातचीत में शिष्टाचार, सहानुभूति और व्यावसायिकता झलकनी चाहिए।

 

C – Commitment to Delivery (समयबद्ध प्रतिबद्धता): हर बार, समय पर।

 

D – Delivery Excellence (डिलीवरी उत्कृष्टता): इंडिया पोस्ट की विश्वसनीय और भरोसेमंद पहचान को बनाए रखना।

 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आधुनिक पार्सल हब, उन्नत रूटिंग, डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत लॉजिस्टिक्स अवसंरचना जैसे तकनीकी साधन परिवर्तन के सक्षम उपकरण होंगे, लेकिन हमारे डाकिया का मानवीय स्पर्श ही इंडिया पोस्ट की आत्मा बना रहेगा। नवदी पर्व के प्रतीक उगादी की भावना से तुलना करते हुए मंत्री ने गुंटूर सम्मेलन को आंध्र प्रदेश में इंडिया पोस्ट के लिए एक नया अध्याय बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि, मुख्यमंत्री का संकल्प और ग्रामीण डाक सेवकों का समर्पण एक साथ मिलेंगे, तो इंडिया पोस्ट विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ लॉजिस्टिक्स संस्थान के रूप में उभरेगा और विकसित भारत 2047 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगा। अपने संबोधन के समापन में मंत्री जी ने प्रत्येक ग्रामीण डाक सेवक से नए दृढ़ संकल्प और सामूहिक निश्चय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया और इस बात की पुष्टि की कि इंडिया पोस्ट की सबसे बड़ी ताकत उसके लोग हैं, जो भारत के हर गांव में शासन के विश्वसनीय चेहरे हैं।

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Author: aajtak24x7

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